कोमाखानसमाज

जिंदगी न मिलेगी दोबारा: की सखियों संग पुरूषोत्तम मास एकादशी पर सुहागिनों को सुहाग चिन्ह देकर किया सम्मान 

रायपुर। पुरूषोत्तम मास एकादशी के अवसर पर जिंदगी न मिलेगी दोबारा संस्था ने सुहागिनों को सुहाग चिन्ह देकर सम्मान किया।  रायपुर के अनुपम गार्डन में रविवार को हर्षोल्लास के साथ पर्व को मनाई गई।

  • इस अवसर पर सुषमातिवारी. ममता शर्मा, चंद्रसेन दीवान, प्रभा शर्मा, सुमन दीवान. नीलु. सुषमा ज्योती,
  • मनीषा इंद्राणी, शिल्पादुबे, नीधी, किर्ती तिवारी मौजूद रही।

यहां पर पढ़िए http://जिंदगी न मिलेगी दोबारा

जानिए क्या है पुरूषोत्तम एकादशी

सबसे नीचे देखिए तस्वीर 

  • अधिकमास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह परमा, पुरुषोत्तमी या कमला एकादशी कहलाती है।
  • वैसे तो प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं।
  • जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है।
  • अधिकमास या मलमास को जोड़कर वर्ष में 26 एकादशियां होती हैं।
  • अधिकमास में 2 एकादशियां होती हैं, जो पद्मिनी एकादशी (शुक्ल पक्ष) और परमा एकादशी (कृष्ण पक्ष) के नाम से जानी जाती है।
  • ऐसा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत की कथा व विधि भी बताई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button