महासमुन्द। मनरेगा के माध्यम से गांव में रोजगार मिलने से ग्रामीणों को मिली राहत

महासमुन्द। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव एवं लॉकडाउन के बीच ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। लेकिन प्रशासन द्वारा लॉकडाउन संकट के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से मजबूती प्रदान किए जा रहे हैं एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत प्रदान की जा रही है। शासन के द्वारा कोरोना के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए एवं सुरक्षात्मक उपायों के साथ मनरेगा के कार्य को जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे इस महामारी काल में ग्रामीण स्तर पर श्रमिकों को रोजगार प्राप्त होगा और आजीविका के मार्ग प्रशस्त होंगे।

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कलेक्टर डोमन सिंह ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिले में कोविड-19 के संबंध में जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए एवं आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों के साथ मनरेगा के कार्य सुचारू रूप से जारी रखने को कहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा ने बताया कि जिले में आज 43547 श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जिसमें जनपद पंचायत महासमुन्द में 6856, बागबाहरा में 5672, पिथौरा में 8717, बसना में 12548 एवं सरायपाली में 9754 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को गाँव मे ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। जिनसे उनके आर्थिक स्तर में सुधार होगा।

साथ ही ग्राम पंचायत के श्रमिकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अपील किया गया हैं, कि आवश्यक सुरक्षात्मक उपायो के साथ कार्य का मांग करने वालों को रोजगार मुहैया कराये जाये। उन्होंने कहा है कि ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त संख्या में योजनांतर्गत अनुमेय कार्यों के तहत् रोजगार मूलक कार्यों को स्वीकृत किये जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जिला कार्यालय को प्रेषित करने को कहा हैं। ताकि मांग करने पर कोई भी परिवार रोजगार से वंचित न हो पाए। इस सम्बंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारी के साथ-साथ रोजगार सहायक, सचिव, तकनीकी सहायक को निर्देशित किया है।

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अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा कार्य के दौरान कोविड गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन कराया जा रहा है। इसके लिए एक अलग से टीम बनाकर सतत निगरानी रखी जा रहीं है। कार्यस्थलों में मास्क की अनिवार्यता, सेनेटाइजर अथवा साबुन पानी से हाथ धोने की व्यवस्था भी की जा रहीं है। साथ ही सभी श्रमिकों का टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा हैं। बचें हुए 45 वर्ष से अधिक पात्रधारी हितग्राहियों को कोरोना वैक्सीनेशन करवाने के लिए रोजगार सहायकों एवं सचिवों के माध्यम से प्रेरित किए जा रहें है।