छत्तीसगढ़: एक बार फिर अघोषित बिजली कटौती से पनप रहा जनाक्रोश, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की चल रही मनमानी

महासमुंद. बागबाहरा. तुमगांव. पटेवा। प्रदेश में एक तरफ सरप्लस बिजली का ढ़िढोरा पीटा जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्या को लेकर जनाक्रोश पनप रहा है। स्थिति ये है कि कब अघोषत बिजली कटौती हो इसका कोई गारंटी नहीं है। बिजली कटौती का जवाब भी विभाग के पास रटा-रटाया है, जो फाल्ट होने की बात कहकर अपने जिम्मेदारी से बच रहे हैं। जबकि इतना अधिक फाल्ट आना वह भी बरसात के पूर्व लगातार पेट्रोलिंग  मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बाधित की गई।

तुमगांव। नगर पंचायत तुमगांव के उपाध्यक्ष पप्पू कुमार पटेल ने अपने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विद्युत विभाग की मनमानी से आम जन परेशान वही सत्ता धारी लोग इस बिजली कटौती विषय पर मौन राज्य सरकार अपने जन घोषणा पत्र से मुकर रहा है। वादा तो पूरा नही कर पा रहा वरण वादा खिलाफी निभा रहा बिजली का बिल हाफ करने के चक्कर मे बिजली ही आधा पूर्ति किया जा रहा है। बारिश पूर्व मेंटेनेंस पूर्ण होने के बाद भी नगर में आये दिन अघोषित बिजली कटौती कर दी जा रही है, कारण जानने लोग जब विद्युत मंडल के कार्यालय में फोन लगाते हैं तब फोन रिसीव नहीं किया जाता, नगर की विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे आक्रोश बढ़ रहा है।

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बिजली कटौती को लेकर अभी हाल ही में दफ्तर का हुआ था घेराव

महासमुंद। भारतीय जनता पार्टी झलप पटेवा मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती एवं अन्य विद्युत संबंधी समस्याओं को लेकर बिजली ऑफिस का घेराव पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ललिता अग्रवाल एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष देवा नायक के नेतृत्व में किया गया था।

यहां भूपेश सरकार के विरोध में एवं बिजली कटौती की समस्या को लेकर नारेबाजी के साथ आक्रोश व्यक्त भी किया था। कार्यकर्ताओं न कहा था झलप पटेवा क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 5 से 7 बार बिजली कटौती ऐसे समय हो रही है जबकि लॉकडाउन के समय ज्यादातर उद्योग धंधे बंद है गर्मी से परेशान लोग दिन-रात बेचैनी के साथ काट रहे हैं। जबकि सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में सर प्लस बिजली है। देखने में आ रहा है कि क्षेत्रीय विधायक एवं उनके समस्त प्रतिनिधि जन समस्याओं को हल करने में रुचि नहीं ले रहे हैं, वहीं अन्य कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं और अपनी जेब भरने में व्यस्त हैं।

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बिजली कटौती महासमुंद

बिजली ऑफिस में बताया गया कि शिकायत दिखाने के लिए लगाया गया फोन लंबे अरसे से बंद है एवं 15-20 किलोमीटर दूर से लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑफिस आते हैं। जिस पर डॉक्टर विमल चोपड़ा ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर से फोन पर चर्चा कर तत्काल इस व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया एवं टेलीफोनिक चर्चा में उनसे कहा कि जिन खंबे के तार काफी पुराने हो गए हैं उन्हें भी बदल कर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। बिजली विभाग में मैदानी अमले की कमी पर भी चर्चा कर उन्हें बढ़ाने की मांग की गई थी। बतादें पूरे जिले की यही स्थिति है जहां पर बेखौफ अघोषित बिजली की कटौती हो रही है।