महासमुंद। जिले के सभी हाट-बाजार में होगा चबुतरा निर्माण: कलेक्टर

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महासमुंद। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने इस साल अब तक अल्प वर्षा एवं खण्ड वर्षा के कारण खरीफ फसल कुछ इलाकों में प्रभावित हुई है। ऐसे ग्रामों में संबंधित विभाग के अधिकारी जाकर फसल की स्थिति का स्थल निरीक्षण कर आंकलन करें। प्रभावित इलाकों में अधिकारी जाकर स्थानीय निवासी एवं किसानों को राहत पहुंचाने के लिए मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों के मांग के अनुरूप कार्य स्वीकृत करें। जिन विभागों के लंबित कार्य जो शुरू नहीं हुए है, उन्हें तत्काल शुरू करें। ताकि लोगों को रोजगार मिलें।

उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को संभावित सूखा क्षेत्र प्रभावित की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की उपलब्धता हेतु आवश्यकतानुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकाश छिकारा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने जिले में भू-अर्जन संबंधित प्रकरणों के कार्यों में गति लाने, भू-अर्जन प्रकरणों में पारित अवार्ड अनुसार प्रभावित कृषकों को मुआवजा राशि शीघ्र प्रदाय करने एवं पारित अवार्ड प्रकरणों में राजस्व अभिलेख दुरुस्ती तत्काल करने को कहा। उन्हाेंने कृषि अधिकारियों को कहा कि बारिश की कमी से फसल प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के लिए कोदो-कुटकी, कुल्थी, तोरिया, तिवरा, उड़द,

मूंग उद्यानिकी फसलें लेने के लिए गांवों में जाकर प्रेरित करें और उन्हें बीज उपलब्ध कराएं। यदि किसी क्षेत्र में बारिश अधिक हुई है जिसके कारण वहां जनहानि एवं मकान की क्षति हुई है ऐसे प्रकरणों की जानकारी राहत शाखा को संबंधित एसडीएम उपलब्ध कराएं। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी हाट-बाजार में मनरेगा के माध्यम से एक-एक चबुतरा निर्माण की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहें हैं। जहां लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाईयॉ भी उपलब्ध करायी जा रही है। जिन हाट-बाजारों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन हो रहा है,

वहां के ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी है कि वे चिकित्सकों, मरीजों की बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं।  उन्होंने कहा कि नरवा-गरवा-घुरूवा-बाड़ी के अंतर्गत स्वीकृत चारागाहों में नेपियर रूट लगाने की प्रक्रिया प्रारम्भ करें। चारागाह में नेपियर ग्रास और लगाई जाने वाली नेपियर रूट के बारें में भी जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में महिला समूहों के साथ-साथ पुरूषों के लिए अलग समूह गठन करने पर जोर दिया है। पुरूष समूहों को गौठानों के मल्टी एक्टिविटी केन्द्र पर मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं मशरूम उत्पादन सहित अन्य कार्य करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण प्रदाय करने को कहा। जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके।

गौठानों में मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं मशरूम उत्पादन हेतु शेड निर्माण के लिए भी स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना एवं अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के गणना के अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग सर्वेक्षण के साथ-साथ सत्यापित करने का काम करते रहे। एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतत् इसका निरीक्षण करें। कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जिले में टीकाकरण की गति बढ़ाने की दिशा में पूरी टीम को मेहनत से कार्य करना होगा।

जिले में टीके पर्याप्त संख्या में है तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए पूरी ऊर्जा एवं उत्साह से रणनीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने सभी बीएमओ से कहा कि जिन क्षेत्रों में टीकाकरण कराने से लोग छूट गए हैं ऐसे स्थानों का चिन्हांकन कर वहां शिविर लगाकर कार्य करें और टीकाकरण की गति बढ़ाएं। टीकाकरण के लिए सामुदायिक सहभागिता बहुत जरूरी है और इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए हम जितना अधिक टीकाकरण करा पाएंगे, उतना ही सुरक्षित रहेंगे। टीकाकरण के लिए सभी आवश्यक तैयारी रखें।