महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का महान पर्व है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार पूजन करेंगे, तो महादेव की कृपा और भी शीघ्र प्राप्त हो सकती है। नीचे मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए अर्पण, दान, मंत्र और सावधानियां विस्तार से दी जा रही हैं।
मेष राशि
अर्पित करें: शहद मिश्रित जल से अभिषेक, लाल फूल
दान दें: मसूर दाल, लाल वस्त्र
मंत्र:
ॐ नमः शिवायध्यान रखें: क्रोध से बचें, वाणी संयम रखें।
वृषभ राशि
अर्पित करें: कच्चा दूध, बेलपत्र (तीन पत्तों वाला)
दान दें: सफेद वस्त्र, चावल
मंत्र:
ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्…(महामृत्युंजय मंत्र)ध्यान रखें: व्रत में सात्विकता और शुद्धता रखें।
मिथुन राशि
अर्पित करें: गंगाजल, धतूरा
दान दें: हरी मूंग, हरा फल
मंत्र:
ॐ शिवाय नमःध्यान रखें: अस्थिर मन को शांत रखें।
कर्क राशि
अर्पित करें: दूध व शक्कर से अभिषेक
दान दें: चावल, दूध
मंत्र:
ॐ चंद्रमौलेश्वराय नमःध्यान रखें: भावुकता में निर्णय न लें।
सिंह राशि
अर्पित करें: गंगाजल में केसर मिलाकर अभिषेक
दान दें: गुड़, तांबा
मंत्र:
ॐ नमः शिवाय रुद्रायध्यान रखें: अहंकार त्यागें, सेवा भाव रखें।
कन्या राशि
अर्पित करें: बेलपत्र, शहद
दान दें: हरी सब्जी, मूंग दाल
मंत्र:
ॐ नमो भगवते रुद्रायध्यान रखें: पूजा में शुद्ध उच्चारण करें।
तुला राशि
अर्पित करें: इत्र मिला जल, सफेद पुष्प
दान दें: मिश्री, दही
मंत्र:
ॐ शं शंकराय नमःध्यान रखें: रिश्तों में संतुलन बनाएं।
वृश्चिक राशि
अर्पित करें: जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक
दान दें: काला वस्त्र, तिल
मंत्र:
ॐ हौं जूं सःध्यान रखें: नकारात्मक सोच से दूर रहें।
धनु राशि
अर्पित करें महाशिवरात्रि: हल्दी मिश्रित जल
दान दें: पीला वस्त्र, चना दाल
मंत्र:
ॐ नमः शिवायध्यान रखें: गुरुजनों का आशीर्वाद लें।
मकर राशि
अर्पित करें: तिल के तेल का दीपक जलाएं
दान दें: काला तिल, कंबल
मंत्र:
ॐ शं शनैश्चराय नमःके साथॐ नमः शिवायध्यान रखें: धैर्य बनाए रखें।
कुंभ राशि
अर्पित करें महाशिवरात्रि: जल में नीले पुष्प
दान दें: काला कंबल, उड़द
मंत्र:
ॐ नमो नीलकंठायध्यान रखें: सेवा और दान में रुचि लें।
मीन राशि
अर्पित करें महाशिवरात्रि: केसर युक्त दूध
दान दें: पीली मिठाई, वस्त्र
मंत्र:
ॐ नमः शिवायध्यान रखें: ध्यान-भजन में समय दें।
महाशिवरात्रि पर विशेष सावधानियां
✔️ बेलपत्र हमेशा उल्टा (चिकनी सतह ऊपर) अर्पित करें।
✔️ शिवलिंग पर केतकी का फूल न चढ़ाएं।
✔️ तुलसी पत्र शिवलिंग पर न अर्पित करें।
✔️ व्रत में लहसुन-प्याज से परहेज करें।
✔️ रात्रि में चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है।




















