सुकमा में बड़ा नक्सल ऑपरेशन: 1 करोड़ का इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा मारा गया, मुठभेड़ में छह माओवादियों के ढेर

1 करोड़ का इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा मारा गया, मुठभेड़ में छह माओवादियों के ढेर

सुकमा/एर्राबोर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। एर्राबोर क्षेत्र के घने जंगलों में हुए भीषण मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के मारे जाने की सूचना है। अब तक छह माओवादी मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें कई शीर्ष नक्सली नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस बड़े ऑपरेशन की बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने भी पुष्टि की है।

सुबह 6 से 7 बजे के बीच चली भारी फायरिंग

सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण फायरिंग हुई, जिसमें दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ का क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बताया जा रहा है और लगातार रिइन्फोर्समेंट तैनात है।

आंध्र प्रदेश के मारेडुमिली इलाके में भी मुठभेड़, छह नक्सली ढेर

इसी दौरान पड़ोसी आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिला के मारेडुमिली इलाके से भी बड़ी खबर आई है। यहां पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में छह माओवादी मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, मारे गए माओवादियों में एक शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल है। घटनास्थल पर सुरक्षा बलों का कंबिंग ऑपरेशन जारी है।

सीमा क्षेत्र में बढ़ी नक्सली हलचल, ऑपरेशन तेज

सूत्र बताते हैं कि हाल के दिनों में छत्तीसगढ़-आंध्र-ओडिशा की सीमावर्ती जंगलों में नक्सल गतिविधियों में तेजी आई थी। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग अभियान शुरू किया था।
डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और ऑपरेशन को जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए फोर्स की तैनाती और ऑपरेशन डिटेल गोपनीय रखी गई थी।

घने जंगलों में मौजूदगी की सूचना मिली थी

सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि माओवादी एक बड़े समूह में घने जंगलों में छिपे हुए हैं। इनपुट की पुष्टि के बाद फोर्स ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी तेज हो गई।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ क्षेत्र में लगातार गोलियों की आवाजें दूर तक सुनाई दीं और इलाके में तनाव का माहौल है।

एसपी लगातार संपर्क में

एसपी किरण चव्हाण लगातार ग्राउंड पर तैनात जवानों के संपर्क में हैं और ऑपरेशन की हर मूवमेंट मॉनिटर की जा रही है।

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