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ऐसे बनाए अपना दिनचर्या? सफलता आपकी कदम चूमेगी

Make your routine like this? success will kiss your feet

भाग्य किस्मत को दोष देने से अच्छा है आप अपनी दिनचर्या को सुनियोजित करें। आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हमारा दिनचर्या हमारी सफलता की सीढ़ी बनती है. दिनचर्या में किए गए महत्वपूर्ण कार्य का  परिणाम हमारे लिए लाभदायक साबित होती है. दिनचर्या का फायदा तभी मिल पाएगा जब आप अपना समय महत्वपूर्ण कार्यों में व्यतीत करें तभी आपको समय के महत्वपूर्ण कार्य का फल प्राप्त होगा.

समझिए यहां

दिनचर्या में हम अपने हर घंटे का समय किस-किस कामों में व्यतीत करें इसके लिए हमें टाइम मैनेजमेंट करना आवश्यक है और टाइम मैनेजमेंट के लिए टाइम टेबल बनाना अति आवश्यक है.

एक बार टाइम टेबल बना लेने के बाद हम अपने दिन के सभी घंटों को अपने कार्यों के अनुसार व्यतीत कर सकते हैं इसे ही डेली रूटीन कहा जाता है.

हर मनुष्य की जिंदगी वक्त के मुताबिक चलती है वह अपने वक्त को किस तरह से उपयोग में लाता है और कौन-कौन से कार्य में वह अपने समय को व्यतीत करता है यही चीज उनकी सफलता में साबित होती है.

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समय हमारे लिए बहुमूल्य है जिसका इस दुनिया में कोई मूल्य नहीं है आप समय को पैसा देकर ना खरीद सकते हो ना इसे बचा सकते हो ना ही इसे बेच सकते हो.

समय हम सबके लिए समान है चाहे वह विद्यार्थियों या शिक्षक हो, इसलिए हमें अपने समय को अच्छे महत्वपूर्ण कार्य में उपयोग करना चाहिए ताकि हमारा समय गलत कामों में बर्बाद ना हो.

आज के जमाने में सभी लोगों के लिए दिनचर्या बहुत ही आवश्यक हो गई है क्योंकि हम जिसके भी लाइफ में देखें वह सभी अपने डेली रूटीन के अनुसार अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं.

दिनचर्या से हर एक व्यक्ति का लक्ष्य पूरा होने का यह एक प्रथम सीढ़ी है.

दिनचर्या कैसे लिखें?

आजकल हर एक व्यक्ति का अपना एक डेली रूटीन होता है जिसके अनुसार वे अपने 1 दिन में दिए जाने वाले 24 घंटे में अपना हर एक काम अपने समय के अनुसार करने में सक्षम होते हैं. सभी लोगों की जिंदगी का शुरुआत डेली रूटिंग से होती है.

बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो बिना डेली रूटीन का अपना लाइफ जी रहे हैं, लेकिन बिना इसके लोग अपने सही समय का सही उपयोग नहीं कर पाते है.

जो व्यक्ति दिनचर्या को फॉलो नहीं करता है उसकी जिंदगी में रस नहीं होती क्योंकि दिनचर्या बनाना मतलब अपने हर 1 दिन का क्रियाकलापों को सही पूर्वक करना होता है.

रूटिंग को बनाने के लिए बहुत से ऐसे क्रियाकलाप है जो आपको समय के अनुसार करना होगा.

अगर पढाई करने के लिए टाइम टेबल बना चाहते हैं तो हमारा लिखा आर्टिकल स्टडी टाइम टेबल कैसे बनायें? जरूर पढ़ें.

  1. प्रात: उठना

सुबह उठना यह कार्य हमारे दिन के सभी क्रियाकलापों में से सबसे प्रथम कार्य है.

हर एक व्यक्ति का नींद से जागने का समय लगभग 5:00 बजे तक का होना चाहिए क्योंकि जल्दी उठने से हमारे मस्तिष्क हमारे कंट्रोल में रहता है.

साथ ही सूर्योदय से पहले उठने से हमें सूरज को उगते हुए देखने की अवसर मिलती है जो कभी गवाना नहीं चाहिए क्योंकि इससे हमें वह पावर मिलती है जो हमें दिनभर ऊर्जा रखती है.

सुबह उठने से हमारे दिन की शुरुआत शांति पूर्वक शुरुआत होती है इस प्रकार हम दिन के सारे काम शांतिपूर्वक है करते जाते हैं.

सुबह उठना सफलता का एक प्रथम कदम है क्योंकि यदि हम सुबह जल्दी उठते हैं तो हमारा सुबह का शुरुआती क्रियाकलाप ही शांतिपूर्वक होती है जिससे हमारा सारा दिन अच्छे से बिकता है और हम अपना सारा समय अपने महत्वपूर्ण कार्यों के अनुसार व्यतीत करते हैं.

  1. समय की शुरुआत

हर व्यक्ति को दिन की शुरुआत पक्षियों की मीठी-मीठी आवाज को सुनकर तथा इसके साथ हमारे सुबह-सुबह के वातावरण में छोटे-छोटे जल के कण को  महसूस करके करना चाहिए.

इससे हमारा मन एकदम शांत महसूस करता है क्योंकि आजकल के इस वायु प्रदूषण एवं दूसरे तरीकों से प्रदूषित वातावरण से बचने के लिए सुबह का वातावरण ही हमारे लिए स्वच्छ होता है.

यह सब करने के बाद हमें अपने शरीर के लिए कुछ क्रियाकलाप करनी चाहिए जिससे हमारा शरीर का ब्लड सरकुलेशन मेंटेन रहे इसके साथ हमारे शरीर स्वच्छ रहे.

इसके दौरान हमें सुबह चलना चाहिए जिससे हमारी बॉडी की इम्यूनिटी अनुकूल रहे.

इसके बाद हमें अपने आप को कुछ देर शांत रखना चाहिए और अपने लक्ष्य के बारे में सोचने के लिए अपने दिमाग को उसकी ओर अग्रसित करनी चाहिए.

तत्पश्चात हमें इस दुनिया में चल रहे सभी जानकारियों को पता लगाने के लिए अपने अनुसार उपलब्ध चीजों से जानकारी हासिल करनी चाहिए जैसे न्यूज़पेपर, टीवी न्यूज़, फेसबुक, इंस्टाग्राम इत्यादि क्योंकि हमें हर रोज हो रहे हैं देश में सभी क्रियाकलापों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए.

दिन की शुरुआत हमें इन्हीं क्रियाकलापों के अनुसार करनी चाहिए जिससे हमारा दिमाग के साथ-साथ हमारा शरीर भी हमें हर काम को करने के लिए इच्छुक बनाएं रखें.

  1. हमारा नाश्ता

    का वक्त क्या होना चाहिए?

हम लोगों को सुबह के शुरुआती क्रियाकलापों को करने के दौरान लगभग 9:00 बजे तक नाश्ता कर लेनी चाहिए.

इसके पहले हमें कुछ फलों का सेवन भी करना चाहिए क्योंकि फल हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होता है.

जहां तक संभव हो हरी सब्जियों का सेवन करना शरीर के लिए लाभदायक होता है तो नाश्ते में भी इनका सेवन करें जिससे हमारा शरीर भी स्वस्थ रहे.

नाश्ते में हमें पोस्टिक आहार ओं के साथ साथ प्रोटीन आहार का भी सेवन करना चाहिए क्योंकि दिन का शुरुआती खाना ही हमारे शरीर को दिनभर फिट रखता है इसलिए जितना संभव हो पौष्टिक आहार खाने का प्रयास करना चाहिए.

  1. पढ़ाई का समय

नाश्ता करने के तत्पश्चात लगभग 10:00 बजे तक हमें अपनी पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए जिसमें हमें अपने अनुसार उचित विषय का चयन कर उनकी जानकारी को अध्ययन करना चाहिए.

जिस सब्जेक्ट में जितना टाइम देना है वह हम अपने अनुसार तय करेंगे इसके दौरान हर एक सब्जेक्ट को लगभग एक घंटा देना अनिवार्य है तत्पश्चात 10 या 15 मिनट की रिस्क लेना भी आवश्यक है.

1:00 बजे तक हमें अपनी पढ़ाई की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए. इसके बाद हमें लंच करना चाहिए इस दौरान हम अपने रुचि पूर्वक चीजें भी कर लेनी चाहिए जिससे दिमाग थोड़ा इधर उधर हो.

इसके बाद 2:00 बजे से हमें समय अनुसार बच्चे विषयों की पढ़ाई का अध्ययन करना चाहिए, जिसमें हमें हर एक टॉपिक को अपनी संतुष्टि अनुसार पढ़कर पास करना चाहिए ताकि हमें महसूस हो कि हमने कुछ पढ़ा है.

हर विषय का हर एक टॉपिक अच्छे से डील करके जानकारी हमें लेनी चाहिए.

इसके बीच हमें 10:15 मिनट का ब्रेक लेते हुए 1 दिन में पढ़े जाने वाले टॉपिक को क्लियर कर लेना चाहिए. जिससे हमारा 1 दिन का रूटीन के अनुसार निर्धारित टॉपिक ओं का अध्ययन हो सके.

इसके पश्चात हमें सभी विषयों की टॉपिक ओं को क्लियर करते हुए 5:00 बजे उठ जाना चाहिए.

साथ ही शाम के नाश्ता भी के बाद इसके दौरान हमें शाम में किए जाने वाले क्रियाकलापों को पूरा करना चाहिए जैसे कुछ खेलो को खेल कर शाम में इवनिंग वॉक करके तथा कुछ फोन चला कर इत्यादि.

इससे हमारा दिमाग बोर फील नहीं करता तथा इसके साथ हमें पढ़ाई से भी बोर नहीं लगती.

शाम के क्रियाकलापों को करने के बाद हमें कुछ अन्य विषयों की भी पढ़ाई कर लेनी चाहिए जो आवश्यक है इस समय आप अपने विश्व की भी पढ़ाई कर सकते हो जैसा आपको उचित लगे. 7:00 बजे से लगभग 9:00 बजे तक करनी चाहिए.

इसके दौरान कुछ अलग अलग जानकारी भी आप हासिल कर सकते हैं.

फिर हमें रात के भोजन को कर हमें कुछ इंटरटेनमेंट चीजों को देखना चाहिए जिससे हमारा मस्तिष्क रिलैक्स फील करें जैसे टीवी देखना फोन यूज करना इंस्टा चलाना फेसबुक चलाना फ्रेंड से कांटेक्ट करना इत्यादि.

  1. सोने का समय

हमें इन सभी क्रियाकलापों के द्वारा 11:00 बजे तक सो जाना चाहिए, क्योंकि सोना भी हमारे लिए अति आवश्यक है नींद पूरा होने से हमारा मस्तिष्क हमारे अकॉर्डिंग कार्य करता है.

यदि हम आवश्यकता अनुसार नींद को पूरा ना करें तो हम कोई भी कार्य शांतिपूर्वक नहीं कर सकते हैं इसलिए हमें अपने मस्तिष्क को शांत रखने के लिए जितनी नींद की आवश्यकता है वह हमें लेनी चाहिए. पूरा होना भी एक क्रियाकलाप है जिसे हर एक व्यक्ति को करनी चाहिए, लगभग 6 या 7 घंटे की नींद लेना हर एक व्यक्ति को  अनिवार्य है.

रात में सोते टाइम हमारा शरीर आराम की अवस्था में होता है इस बीच हमारे शरीर को दिन भर की थकान ओं का आराम मिलता है इसलिए हमें आवश्यकता अनुसार नींद को पूरा करना चाहिए.

  1. बढ़िया दिनचर्या क्या है?

हमें अपनी समय के मुताबिक अपने महत्वपूर्ण कार्यों को करना ही हमारा एक सही रूटिंग कहलाता है.

क्योंकि अगर हम अपना सही टाइम सही काम पर ना लगाएं तो वह समय मेरा व्यर्थ चला जाएगा जो किसी काम का नहीं है इसलिए दिनचर्या के अनुसार हमें अपने समय को महत्वपूर्ण कार्यों में व्यतीत करना चाहिए जिससे हमें लाभ प्राप्त हो .

हर एक व्यक्ति जो सओके नो इशू फल होने की चाहत रखता है वह  अपने कठिन परिश्रम के साथ साथ अच्छी दिनचर्या को भी फॉलो करता है तभी वह एक सफल व्यक्ति बन पाता है.

हम अगर हमारे शुरुआत दिन के क्रियाकलापों को सही तरीके से कर ले तो यही हमारी अच्छी दिनचर्या होती है जिससे हमारा दिन का हर एक काम सही पूर्वक पूरा होता है.

अच्छी दिनचर्या मतलब हमारा सुबह उठने से लेकर रात के सोने तक का सफर रूटिंग के अनुसार हो तथा सभी काम समय अनुसार पूरा हो तो वही हमारा अच्छी दिनचर्या कहलाता है.

हमें अपनी दिनचर्या कैसे बनानी चाहिए?

हर इंसान को अपनी जिंदगी को सही ढंग से जीने के लिए time table बनाना चाहिए जिससे वह अपना हर एक कार्य को टाइम के अनुसार पूरा करने में सक्षम हो.

चाहे वह विद्यार्थियों या शिक्षक हो या कामगार हो या कोई आम इंसान है हर एक के जिंदगी में उनके अनुसार उनके कार्य होते हैं जो उन्हें पूरे करना होता है.

इन सभी को पूरा करने के लिए इनको time table का उपयोग करना अति आवश्यक है तभी इनको अपने कार्य का सही परिणाम मिल सकेगा.

सभी के अपने अलग-अलग कार्य होते हैं जिनके अनुसार उन्हें अपने time table बनानी होती है जैसे विद्यार्थी के लिए उनका टाइम टेबल उनकी स्टडी को लेकर बनानी होती है.

तो वही टीचर के लिए उनके कार्यों के अनुसार उनकी टाइम टेबल बनानी होती है तथा कोई दूसरा आदमी जैसे नौकरी करने वाला उनको अपना टाइम टेबल अपने कामों के अनुसार बनानी होती है.

हर एक इंसान को अपने अलग-अलग कार्यों के लिए अपने अनुसार टाइम टेबल का उपयोग करना होता है.

जैसे विद्यार्थी के लिए टाइम टेबल इस प्रकार होना चाहिए:-

5:00 am          सो कर उठना

6:00 am          आवश्यक काम कर लेना.

6:00 to 7am   शारीरिक क्रियाकलाप के साथ-साथ टहलना.

7:00 to 7:30   योगा तथा  मेडिटेशन

7:30 to 8:00   स्नान प्रक्रिया.

8:00 to 9:00   देश दुनिया भर की खबरों को जानना.

9:00 to 10:00 नाश्ता का समय.

10 :00 to 1:00            पढ़ाई की समय.

1:00 to 2:00   लंच टाइम.

2:00 to 5:00   फिर से पढ़ाई की टाइम.

5:00 to 7:00   शाम की मस्ती खेल और शाम की नाश्ता का टाइम.

7:00 to 9:00   स्टडी टाइम.

9:00 to 10:00 pm      डिनर टाइम.

11 :00 pm      सोने का टाइम.

इस प्रकार एक विद्यार्थी के लिए टाइम टेबल इसके अनुसार होना चाहिए, तभी वाह अपने लाइफ में सक्सेस कर पाएंगे.

इस टाइम टेबल के अनुसार कोई भी विद्यार्थी आराम से टॉप कर सकता है.

इसलिए सभी विद्यार्थियों को इसी टाइप के टाइम टेबल का यूज कर अपने पढ़ाई को जारी रखनी चाहिए तभी वे सक्सेस पाने में सक्षम हो पाएंगे.

Conclusion

दिनचर्या के अनुसार चलने वाला व्यक्ति कि जिंदगी आराम प्रतीत होती है तथा उनके हर एक कार्य अच्छे तरीके से पूर्ण होती है.

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