मेला-मड़ई, स्कूल, कॉलेजों में चलाया गया ‘अभिव्यक्ति’ जागरूकता कार्यक्रम : छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, टोनही प्रथा, गुड टच बैड टच, एवं कानून के बारे में दी गयी जानकारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप महिलाओं की सुरक्षा एवं कानून में उन्हें प्रदत्त अधिकारों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ”अभिव्यक्ति“  जागरूकता सप्ताह सम्पूर्ण राज्य में 8 मार्च से संचालित किया गया । अभिव्यक्ति कार्यक्रम की शुरूआत से पहले इसकी संचालन प्रकिया के संबंध में प्रत्येक जिले में गठित टीम के पुलिस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीम की उपयोग के लिए महिलाओं एवं बच्चों को कानून में प्रदत्त अधिकारों सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में पुलिस मुख्यालय द्वारा छपाये गये प्रचार-प्रसार सामग्री तथा छेड़छाड़, घरेलू हिंसा,

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टोनही प्रथा, गुड टच बैड टच, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न विषय पर 6 लघु फिल्मों की सॉफ्ट कॉपी जिलों को उपलब्ध कराया गया। प्रत्येक दिवस अलग-अलग स्थानों एवं विषयों के आधार पर जिलों में गठित टीमों द्वारा शहरी/ग्रामीण क्षेत्र, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड, मॉल, स्कूल, कालेज, बाजार, मेला-मड़ई एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर आकर्षक बैनर, पोस्टर, पाम्पलेट एवं लघु फिल्मों के माध्यम से साईबर सुरक्षा, लैंगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़खानी, मानव तस्करी, दहेज प्रथा, बाल विवाह, टोनही प्रथा, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, आत्म रक्षा के गुर, कैरियर काउंसलिंग, शिक्षा सहित महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता संदेश राज्य के कोने-कोने तक फैलाया गया है।

अभियान के दौरान न केवल लोगों को एकत्रित करके जागरूक किया गया, अपितु बाईक/स्कूटर रैली, महिला क्रिकेट स्पर्धा एवं अन्य खेलकूद, कविता, नृत्य, नाटक मंचन, निबंध, रंगोली प्रतियोगिता आदि का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने में सफलता प्राप्त की गई है। अभिव्यक्ति जागरूकता सप्ताह के दौरान पुलिस टीम सहित जनसमुदाय में भारी उत्साह व उमंग देखने को मिला। जिला धमतरी के ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता के लिए गई पुलिस टीम को एक महिला की गोद भराई रस्म का पता चलने पर टीम सीधे उनके घर जा पहुं ची जहॉं उपस्थित लोगों ने उनका स्वागत किया तथा पुलिस टीम द्वारा लोगों को अभिव्यक्ति कार्यक्रम के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया।

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इसी प्रकार जिला जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण में महाशिवरात्रि पर्व पर भारी संख्या में उपस्थित जन समुदाय के बीच पहुंचकर पुलिस टीम द्वारा महिला सशक्तीकरण की जानकारी दी गई। जिला रायपुर के एक शासकीय स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी की सूचना पुलिस को मिलने पर टीम स्कूल में जाकर वहॉं उपस्थित महिलाओं एवं बच्चों को जागरूक किया गया। जिला दुर्ग द्वारा अनोखा पहल करते हुए 150 महिला पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों ने रात्रि गश्त कर एक नई मिसाल पेश की है तथा महिला पुलिस परेड का आयोजन किया गया।

अभिव्यक्ति जागरूकता अभियान को आमजन द्वारा सराहा गया है एवं विभाग को इससे बेहतर प्रतिसाद मिले हैं, जिससे पुलिस की छवि में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अभिव्यक्ति अभियान की सफलता के दृष्टिगत इसे सामुदायिक पुलिसिंग का हिस्सा बनाते हुए सतत् रूप से चलाये जाने के निर्देश समस्त पुलिस अधीक्षकों को पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी द्वारा दिया गया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय स्तर पर अभिव्यक्ति सेल का गठन किया जाकर एक व्हाट्सएप नंबर 94791-62318 जारी किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी महिला अथवा युवती अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।

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