नाबालिग बच्ची विवाह होने से बची, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक ने उठाया कदम

महासमुन्द। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम परसूली में एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची का विवाह होने की सूचना मिलने पर वर-वधु के परिजनों को समझाईश दे कर रुकवाया गया। गांव के निवासी प्रीति पांडे पिता चमनलाल पांडे उम्र 17 वर्ष का विवाह बिंद्रावन निवासी मोहित लाल पिता हीरालाल पांडे के साथ 7 अप्रैल को तय हुआ था। टेलीफोनिक जानकारी पर्यवेक्षक भावना गुप्ता को सुबह मिलने पर तत्काल परियोजना अधिकारी चन्द्रहास नाग सर के मार्गदर्शन में सक्रियता दिखाए हुए अपनी टीम के साथ कोमाखान पुलिस को टीम में शामिल कर आरक्षक रीना यादव और तोषलाल के साथ बारात आने से पूर्व विवाह को समझाईश देकर रुकवाया गया।

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कन्या पक्ष को भी समझाया गया कि इस तरह विवाह होने पर दोनों पक्ष और विवाह में सम्मिलित लोग को सजा हो सकती है। दोनों गांवो के सरपंच सचिव को सम्मिलित कर पंचनामा तैयार कर बालिक न होने तक विवाह न करने की सहमति ली गई। साथ ही वर पक्ष को भी घर जाकर समझाईश के साथ बाल विवाह जुर्म की सजा को बताया गया। वर और वधु पक्षों को समझाईश देकर विवाह रुकवाना सफल हुआ। दोनों पक्षों को समझानें में महिला बाल विकास टीम के मुखिया चन्द्रहास नाग और पर्यवेक्षक भावना गुप्ता की सक्रियता से कार्यकर्ता सेवती, खगेश्वरी, ईश्वरी, जानकी, राधा और जशोदा ने साथ दिया।

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