विभाग ने पोषण माह के दौरान जन-जागरूकता के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलण्डर तैयार किया

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महासमुंद। पोषण अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर की बेहतरी के उद्देश्य से इस वर्ष भी सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा। इसका मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। पोषण माह का मुख्य उद्देश्य अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी मॉनिटरिंग करना तथा दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद ज़िले में कुपोषण एवं एनीमिया कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक से 30 सितम्बर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर डोमन सिंह ने कोविड को ध्यान में रखते हुए ज़िला स्तर पर इस वर्ष पोषण माह के दौरान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने कहा है।

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ज़िला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने बताया की इस मौक़े पर पोषण रथ एवं सायकल रैली निकालने का कार्यक्रम है। अंतिम टंच देना बाकि है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए डबल गैस सिलेंडर एवं गैस चूल्हा का वितरण किया जाएगा। पोषण माह के दौरान आयोजित की गई गतिविधियों की दैनिक प्रविष्टि भारत सरकार के जन आंदोलन पोर्टल पर किया जाएगा।संचालक महिला बाल विकास श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए हैं कि पोषण माह के दौरान सघन अभियान संचालित कर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग प्रभावित हुई है। उन्होंने बच्चों को सूचीबद्ध करने, शारीरिक माप का रिकॉर्ड संधारण करने, गंभीर कुपोषित बच्चों का पोषण प्रबंधन तथा निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही माह के साप्ताहिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बतायी है । पूरे प्रदेश में कुपोषण एवं एनीमिया कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक से 30 सितम्बर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जनसमुदाय में पोषण और स्वच्छता संबंधी जागरूकता और उनमें व्यवहार परिवर्तन के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से पूरे देश में पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा में राज्य सरकारों सहित विभिन्न डेव्हलेपमेंट संस्थाओं द्वारा सक्रिय सहयोग कर गांव-गांव तक लोगों को जागरूक किया जाता है। इसी कड़ी में प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग ने पोषण माह के दौरान जन-जागरूकता के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेण्डर तैयार किया है।

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पोषण माह के दौरान तीज, गणेश चतुर्थी त्यौहारों को पोषण और स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ते हुए गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वृक्षारोपण,पोषण वाटिका निर्माण, योग सत्र केे कई कार्यक्रम होंगे और नारा लेखन, निबंध, स्लोगन, रंगोली और व्यंजन प्रतियोगिता जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। लोगों को प्रसव पूर्व जांच,गर्भावस्था तथा स्तनपान के दौरान पोषण और एनीमिया पर परामर्श दिया जाएगा। इस दौरान गंभीर कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन और प्रबंधन के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा और पंचायत  प्रतिनिधियों के लिए उन्नमुखीकरण कार्यक्रम होंगे। इस अभियान से स्कूलों को जोड़ते हुए छात्र-छात्राओं के लिए कई गतिविधियां आयोजित होंगी। पोषण व्यवहार में परिवर्तन के लिए अधिक से अधिक पुरूषों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जाएगी, इसके लिए स्थानीय स्तर पर कई कार्यक्रम होंगे।