कोरोना के बाद नया खतरा: छत्तीसगढ़ में तेजी से फैल रहा ब्लैक फंगस, जानिये लक्षण और बचाव के उपाय, सरकार ने इससे निपटने व्यापक तैयारियां की

रायपुर, 15 मई 2021। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश में ब्लैक फंगस के खतरों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है।  इस बीमारी के उपचार के लिए आवश्यक हर जरूरी दवा प्रदेश के हर जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगी। गौरतलब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में ब्लैक फंगस के संक्रमण होने की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए इसके रोकथाम के लिए लगने वाली आवश्यक दवाएं पोसाकोनाजोल एवं एम्फोटेरसिन-बी औषधियों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता हर जिले में सुनिश्चित करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पहले ही दिए जा चुके है।

दुर्ग जिले में ब्लैक फंगस के 14 नए मरीज मिले थे

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के 14 नए मरीज सामने आये थे, वहीं  बीएसपी के जनसंपर्क विभाग के मुताबिक सेक्टर-9 हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के 9 कनफर्म केस मिले थे। गुरुवार को महासमुंद, दुर्ग समेत अन्य जिलों के 5 नए मरीज भर्ती हुए हैं। एम्स में पहले ही रायपुर के 4, राजनांदगांव के 1, भिलाई के 7 तथा दुर्ग के 4 मरीज भर्ती थे।

जानिए क्या है ब्लैक फंगस:

ब्लैक फंगस नाम की इस बीमारी को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद यह बीमारी उन लोगों में सबसे जल्दी फैल रही है, जो पहले से ही किसी-ना-किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। क्योंकि, उनका इम्युनिटी सिस्टम काफी कमजोर होता है। ब्लैक फंगस नाम की यह बीमारी स्किन, फेफड़ों और दिमाग में फैल रही है। डॉक्टर्स का कहना है कि जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजूबत है, उन्हें इस बीमारी का खतरा काफी कम है।

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ब्लैक फंगस के लक्षण:

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की चपेट में आने के बाद आंख-नाक में दर्द या फिर उनका लाल पड़ जाना, तेज बुखार, सिर में दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और खून की उलटियां होने लगती हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के तहत, जिन लोगों को साइनस की समस्या है, उनमें यह इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। डायबिटीज के मरीज सबसे ज्यादा ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं।

वहीं, जिन लोगों को चेहरे की एक तरफ दर्द या फिर सूजन, नाक के ऊपर काली पपड़ी जम जाना, दांत और जबड़े कमजोर होना, आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द और थ्रोम्बोसिस जैसी समस्याएं हो रही हैं, उन्हें यह इंफेक्शन हो सकता है।

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इस तरह किया जा रहा है ब्लैक फंगस का इलाज:

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का इलाज यूं तो एंटीफंगल दवाओं के जरिए किया जा रहा है। लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ रही है। इसके अलावा इंट्रावेनस, एम्फोटेरिसिन बी और एंटीफंगल थेरेपी के जरिए भी इस बीमारी का इलाज का किया जा रहा है।

इस तरह करें बचाव: वैसे तो यह बीमारी डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में ले रही है। इसके अलावा जो लोग स्टेरॉयड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, या फिर जो लोग कोरोनावायरस के कारण आईसीयू मे ज्यादा दिनों तक रहे हैं, उन्हें भी यह बीमारी अपनी चपेट में ले रही है। इससे बचने के लिए एक्सपर्ट्स मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही फुल बाजू के शर्ट और पैंट पहनने की सलाह दी जा रही है।