महासमुंद। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रविधानों का घोर उल्लंघन एक बार फिर सामने आया है। इस बार मामला महासमुंद जिला कृषि विभाग कार्यालय से जुड़ा है, जहां उप संचालक कृषि फागुराम कश्यप के दफ्तर परिसर में कूड़ा जलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कृषि विभाग के कार्यालय भवन के ठीक पास खुले में कचरा जलाया जा रहा है। जबकि NGT के स्पष्ट निर्देश हैं कि खुले में कचरा जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण व स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
दफ्तर में नियमों का पालन नहीं, खेतों में कार्रवाई कैसे?
इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जो अधिकारी अपने ही कार्यालय परिसर में NGT के नियमों का पालन नहीं करा पा रहे हैं, वे किसानों पर पराली जलाने को लेकर कार्रवाई कितनी प्रभावी ढंग से कर पाएंगे? हर साल किसानों पर पराली जलाने को लेकर जुर्माना, नोटिस और कार्रवाई की बातें की जाती हैं, लेकिन विभागीय कार्यालय में ही नियमों की अनदेखी होना व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहा है।
उप संचालक कृषि का बयान बना विवाद की वजह
मामले को लेकर जब उप संचालक कृषि फागुराम कश्यप से सवाल किया गया तो उनका बयान और अधिक विवादों में घिर गया। उन्होंने कथित तौर पर कहा—“कचरा है, जलेगा नहीं तो क्या करेंगे। कचरा है, जलाने की चीज है, जल गया।” उनके इस बयान को NGT के नियमों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी, कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कृषि विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पर्यावरण विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और NGT के प्रविधानों के उल्लंघन पर क्या कदम उठाए जाते हैं।





















