महासमुंद: यदि आप अपनी बाइक या स्कूटी से महासमुंद शहर की सड़कों पर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शहर में यातायात के बढ़ते दबाव और सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
दुर्घटनाओं के डरावने आंकड़े
जिला पुलिस महासमुंद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग वो थे जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था:
वर्ष 2024-25: जिले में हुई 476 दुर्घटनाओं में 327 लोगों की जान गई। इनमें से 297 मौतों का कारण सिर पर चोट लगना था (हेलमेट न पहनने की वजह से)।
वर्ष 2026 (शुरुआती 2 माह): अब तक हुई 37 दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से 20 लोगों ने हेलमेट नहीं लगाया था।
जागरूकता के बाद अब सख्ती
पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार स्कूल, कॉलेज और हाट-बाजारों में जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद, शहर में लोग बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं। इसी लापरवाही को रोकने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
विशेष सूचना: दिनांक 08.03.2026 से महासमुंद शहर के प्रमुख मार्गों और नेशनल हाईवे-353 पर ई-चालान (e-Challan) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अब कैमरे और ट्रैफिक पुलिस की पैनी नजर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी।
पुलिस की अपील
महासमुंद पुलिस ने आम जनता से सहयोग की अपील की है:
दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें।
यातायात के सभी नियमों का पालन करें।
अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें!





