चीन में तेजी के साथ बढ़ रहा Nuclear, रिपोर्ट के बाद पूरी दुनिया में बढ़ी चिंता

बीजिंग चीन (China) अपने न्यूक्लियर हथियारों (Nuclear Weapons) में जबरदस्त बढ़ोत्तरी कर रहा है. एक अमेरिकी थिंक टैंक ने उत्तर-पश्चिम चीन में गोबी रेगिस्तान (Gobi Desert) में 119 ऐसे ठिकानों का पता लगाया है जो चीन की सबसे लंबी दूरी की इंटरकॉटिनेटनल मिसाइल डोंगफेंग-41 ( DF 41) के लिए बनाए गए हैं.

क्या बदल रही चीन की नीति?

इस रिपोर्ट के छपने के बाद अमेरिका (USA) सहित पूरे विश्व में सनसनी फैल गई है क्योंकि इसे न्यूक्लियर हथियारों के मामले में चीन की न्यूनतम ज़रूरी हथियार रखने की नीति में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. इस खुलासे से भारत के लिए भी चिंता बढ़ गई है, जोकि पिछले एक साल से पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सैनिक तनाव का सामना कर रहा है.

गोबी मरुस्थल में बनाए गुप्त ठिकाने

चीन (China) के उत्तर-पश्चिम में गोबी रेगिस्तान के सिरे पर मौजूद गांसू प्रदेश में युमेन शहर के पास न्यूक्लियर मिसाइल (Nuclear Weapons) रखने के भूमिगत ठिकाने (SILO) देखे गए, जिनकी तादाद 119 है. अमेरिका के मांटरे में  James Martin Center for Nonproliferation Studies ने सेटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद छापी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ये नई न्यूक्लियर साइट चीन की 16 न्यूक्लियर साइटों से अलग हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक इन SILO का निर्माण पिछले साल शुरू हुआ है लेकिन निर्माण की रफ्तार और उनका आकार ताज्जुब में डालने वाला है. इस साल फरवरी में इस निर्माण में तेज़ी आई और उसे पूरा कर लिया गया. चीन (China) ने 2019 में बीजिंग की अपनी मिलिटरी परेड में पहली बार  DF 41 मिसाइलों का प्रदर्शन किया था. इसके साल भर बाद ही उसने इन SILO का निर्माण शुरू कर दिया था.

DF 41 मिसाइलों के लिए बनाए ठिकाने

हालांकि  DF 41 मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर्स से लॉन्च किया जाता है लेकिन इन SILO से ज़ाहिर है कि चीन अपनी कुछ  DF 41 मिसाइलों को ऐसी जगह रखना चाहता है जहां दुश्मन के किसी प्रहार से ये बची रह सकें और घातक वार कर सकें. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साइट में बड़े पैमाने पर खुदाई, अद्धगोलाकार ढांचों की साफ़-साफ़ तस्वीरें आई हैं, जिससे इनके बारे में कोई शक नहीं बचता है.

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वाशिंगटन पोस्ट में 30 जून को  ये रिपोर्ट छपने के बाद अमेरिकी प्रशासन ने इस नए खुलासे को गंभीर बताया है. चीन न्यूक्लियर हथियारों (Nuclear Weapons) पर नियंत्रण रखने के किसी भी समझौते में शामिल नहीं है क्योंकि उसका दावा है कि न्यूक्लियर हथियारों का उसका भंडार दूसरी महाशक्तियों की तुलना में बहुत कम है.

चीन के पास 350 परमाणु बम

विश्व के न्यूक्लियर हथियारों पर नज़र रखने वाली संस्था THE STOCKHOLM INTERNATIONAL PEACE RESEARCH INSTITUTE (सिपरी) के मुताबिक चीन के पास 350 न्यूक्लियर हथियार हैं. वहीं अमेरिका के पास 5550 और रूस के पास 6255 न्यूक्लियर हथियार हैं.

चीन(China) की घोषित राष्ट्रीय नीति अपनी सुरक्षा के लिए ज़रूरी न्यूनतम न्यूक्लियर हथियार रखने, इनके इस्तेमाल की पहल न करने की है लेकिन ताज़ा खुलासा इस नीति के प्रति चीन की ईमानदारी न होने का सबूत है. चीन की  DF 41 की रेंज 14000 से 15000 किमी तक है और इसकी रेंज में अमेरिका तक आता है.

भारत-चीन में चल रहा सैन्य तनाव

चीन, भारत के साथ पिछले एक साल से गंभीर सैनिक टकराव की स्थिति में है. पिछले कुछ महीने से ताइवान के साथ चीन के रिश्ते अब तक के सबसे तनावपूर्ण हालात में पहुंच गए हैं. ऐसे में चीन की न्यूक्लियर हथियारों (Nuclear Weapons) की नई तैयारी पूरे विश्व को चिंता में डाल रही है.