Odisha में एक बार फिर मंडराया चक्रवात का खतरा, बन सकता है उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र- IMD

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Odisha में एक बार फिर मंडराया चक्रवात का खतरा

भुवनेश्वर। ओडिशा (Odisha) के लिए अक्टूबर का माह जोखिम भरा वाला है और यहां के नागरिकों के बीच चक्रवात आने की आशंका को लेकर एक बार फिर डर उत्पन्न हो गया है। बतादें, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने Odisha में गुरुवार को पूर्वानुमान में बताया कि उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अंडमान सागर में यह बदलाव 10 अक्टूबर को हो सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक10 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है जो दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेगा। बता दें कि प्रदेश के लिए अक्टूबर को ‘CYCLONE Month’ माना जाता है और इसलिए लोगों के बीच डर का माहौल है। Odisha के तट से अधिकतर बड़े चक्रवात इसी माह में टकराए हैं।

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इन जिलों के लिए येलो वार्निंग

मानसून की वापसी व चक्रवाती गतिविधियों को देखते हुए IMD ने 9 अक्टूबर सुबह 8.30 बजे तक येलो वार्निंग जारी कर दिया है। शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक भारी बारिश के लिए इन जिलों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है – सुंदगढ़, बारगढ़, झारसुगुडा संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, मयूरभंज, कयोनझर और बालासोर, मलकानगिरी, कोरापुट, नवरंगपुर, रायागढ, कालाहांडी, कंधमाल, गजपति और गंजम।

अक्टूबर में ही आया था सुपर साइक्लोन

29 अक्टूबर 1999 में आए सुपर साइक्लोन के कारण पारादीप के पास लैंडफाल हुआ था और 10 हजार लोगों की मौत हो गई थी। चक्रवात फेलिन (Cyclones Phailin), हुदहुद और तितली 2013, 14, 18 के अक्टूबर में आए थे। वहीं इस साल सितंबर में आए चक्रवात गुलाब के कारण आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के कई जिले प्रभावित हुए।

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