कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर विशेष टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें: कलेक्टर

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महासमुन्द। कलेक्टर डोमन सिंह ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कोविड-19 जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य एवं कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए सुव्यवस्थित एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित टीकाकरण, जच्चा-बच्चा सुरक्षा सप्ताह के बारें में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते नियमित टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित हुई है। नियमित टीकाकरण की सुदृढ़ीकरण हेतु जिले में किए गए प्रयास के बावजूद चालू वर्ष में नियमित टीकाकरण कव्हरेज कम हुआ है। इसमें गति लाने की बात कही। उन्होंने विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन प्रत्येक माह के चौथे सप्ताह में सुनिश्चित करने कहा।

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बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारी को कहा कि जिले के कम टीकाकरण कव्हरेज वाले क्षेत्रों को पहले चिन्हांकित करें एंव उन क्षेत्रों में पहले विशेष टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें। इस अभियान को जच्चा-बच्चा सप्ताह के रूप में मनाया जावे। कलेक्टर ने इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ सामुदायिक स्तर पर और मुनादी के साथ किया जाए। अभियान के दौरान टीकाकरण सहित अन्य बाल एवं मातृ स्वास्थ्य संबंधी अन्य सेवाएं भी मुहैया कराएं। इसके लिए मितानिन द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र लाभार्थियों की सूची भी तैयार करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकाश छिकारा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. मंडपे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित कुमार वर्मा, एमएनसीएचए सलाहकार डॉ. मुकुन्द राव घोड़ेसवार सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे। विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए जुडे़।

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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविन्द गुप्ता द्वारा पॉवर पॉईट के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण, नियमित टीकाकरण, जच्चा-बच्चा सुरक्षा सप्ताह के बारें में विस्तार से बताया। उन्होंने बीते मंगलवार से शुरू हुए शिशु संरक्षण माह के बारें में भी जानकारी दी। ताकि मरीजों के स्वास्थ्य का बेहतर उपचार त्वरित हो सकें। कलेक्टर ने बताया कि जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को बेहतर बनाने के लिए विधायक निधि, डीएमएफ एवं सीएसएआर मद से राशि की व्यवस्था की जा रही है। जिससे चिकित्सकीय उपकरण, ब्लड बैंक, एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रयोगशाला विशेषज्ञों की भर्ती की कार्रवाई प्रक्रिया नियमों के तहत की जाए। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ज़रूरी जॉच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जाए।