सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित, पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद संगठन में बड़ा बदलाव

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी

बलौदाबाजार/रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बीच सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल अब बड़े संगठनात्मक बदलाव तक पहुंच गई है। सोमवार रात बलौदाबाजार में सिटी कोतवाली के बाहर हुए हंगामे और दो पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपने जिलाध्यक्ष मनीराम कैवर्त को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। संघ ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है।


जिला उपाध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष के दावे का किया खंडन

जिला उपाध्यक्ष रामकुमार साहू द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मनीराम कैवर्त ने अधिकारियों के दबाव में आकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर किए, ताकि कोतवाली में बंद संगठन के दो पदाधिकारी—कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण वर्मा और सहसचिव रोहित यादव—को बाहर निकाला जा सके। कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को सामूहिक मंशा के खिलाफ मानते हुए जिलाध्यक्ष को मानने से इंकार कर दिया।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी

महासमुंद में चुना जाएगा नया जिला अध्यक्ष

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मनीराम कैवर्त को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जाता है और नया अध्यक्ष मंगलवार को महासमुंद में संभागीय बैठक में चुना जाएगा।
इधर, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर ने भी अपनी ओर से मनीराम कैवर्त को अनुशासनहीनता के आधार पर पद से हटाते हुए जिला उपाध्यक्ष रामकुमार साहू को बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष का प्रभार सौंपा है।


दो प्रबंधकों की गिरफ्तारी से भड़का विरोध

सोमवार शाम जिला प्रशासन ने हड़ताल में शामिल दो सहकारी समिति प्रबंधकों को गिरफ्तार किया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में समिति कर्मचारी, विक्रेता और प्रबंधन से जुड़े लोग सिटी कोतवाली में जमा होकर देर रात तक नारेबाजी करते रहे।
हड़तालियों का कहना है कि प्रशासन समाधान के बजाय कार्रवाई कर रहा है, जबकि उनकी मांगें महीनों से लंबित हैं।

सुहेला सोसायटी प्रबंधक धनंजय बाघमार ने कहा—
“हमसे जबरन हड़ताल समाप्त करने के लिए कागज पर साइन करवाने की कोशिश की गई। हमने कहा कि साथियों को छोड़ दो, हमें अंदर कर लो। हम सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, इसलिए हम पर ESMA लागू ही नहीं होता।”


प्रशासन का पक्ष: धान खरीदी बाधित करने पर की गई कार्रवाई

SDM बलौदाबाजार प्रकाश चंद्र कोरी के अनुसार—
“धान खरीदी आवश्यक सेवा है। कई प्रबंधक और ऑपरेटर दिनों से हड़ताल पर थे। राज्य स्तरीय 4 मांगों पर वार्ता चल रही है। स्थानीय स्तर की समस्याएँ—DO/RO कटना, समय पर उठाव, ट्रांसपोर्टेशन—वाजिब हैं और इन्हें हल किया जा रहा है। कर्मचारियों ने लिखकर दिया है कि वे मंगलवार से काम पर लौटेंगे।”

प्रशासन ने बताया कि जिले में अब तक 16 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें 13 की सेवा समाप्त कर दी गई और 3 के खिलाफ FIR का प्रस्ताव है।


तनाव बरकरार, हड़ताल खत्म होने पर संशय

धान खरीदी शुरू होते ही हड़ताल, गिरफ्तारी और कार्रवाई के कारण जिले में तनाव बढ़ता जा रहा है। संगठन द्वारा जिलाध्यक्ष को हटाए जाने के फैसले से हड़ताल की दिशा और प्रभाव बदल सकता है।
हालांकि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन हड़ताल पूरी तरह खत्म होगी या नहीं—इस पर अब भी संशय बना हुआ है।

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