महासमुन्द

कागज में बन गया साढ़े तीन लाख की निर्मलाघाट, सामाजिक अंकेक्षण में खुलासा, कांग्रेस ने कहा यहीं है विकास यात्रा

मामला बागबाहरा ब्लॉक के सुखरीडबरी का मामला

महासमुंद. बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सुखरीडबरी में पचरी चोरी होने का मामला सामने आया है। दरअसल, यहां शासन की विभिन्न योजना के अंतर्गत 3 साल पहले गांव की तालाब में निर्मलाघाट निर्माण के लिए स्वीकृति मिली। लेकिन यह पचरी कहां पर बना है ग्रामीणों को भी नहीं पता। मामला खुलासा तब हुआ जब यहां सामाजिक अंकेक्षण के दौरान पचरी के लिए राशि निकाल ली गई है। इधर, लगातार कांग्रेस विकास खोजो यात्रा निकालकर सरकार की असफलता ढूंढने में लगी है। इसी का नतीजा रहा कि यह मामला लोगों के सामने उजागर हुआ है।

सरपंच ने सीईओ से किया शिकायत

सरपंच ने किया शिकायत
  • सुखरीडबरी के सरपंच केशव ध्रुव ने लिखित आवेदन जनपद पंचायत बागबाहरा सीईओ से कहा है कि सुखरीडबरी में मनरेगा के अंतर्गत पचरी निर्माण कार्य नहीं हुआ है, जिसमें बड़े तालाब में गहरीकरण एंव निर्मला घाट निर्माण में मजदूरी कार्य पूर्ण रूप से निर्मला घाट के लिए 1 लाख 28 हजार का बिल सामग्री के लिए लगाया गया है। जिसका हमे पूर्ण रूप से जानकारी नहीं है। जो निलेश ट्रेडर्स एजेंसी द्वारा गलत बिल लगाया गया है। उन्होंने जिम्मेदार पदाधिकारही के उपर उचित कार्रवाई की मांग की है।

अंकित ने कहा कागजों में हुआ निर्माण

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने कहा कि कई पंचायतों में इस तरह कागजों में निर्माण हुआ है। एक तरफ सरकार विकास यात्रा निकालकर अपनी उपलब्धि गिना रही है, वहीं दूसारी ओर कई ऐसे विकास कार्य हैं, जो धरातल में उतरा ही नहीं। उन्होंने कहा सुखरीडबरी में साढे तीन लाख रुपए से भी अधिक निर्माण कार्य कागज में हुआ है।

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