कलेक्टर ने कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका स्तर पर क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित करने के दिए निर्देश

महासमुंद। कलेक्टर डोमन सिंह ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जिले में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका स्तर पर क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा, अपर कलेक्टर जोगेन्द्र कुमार नायक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने आज वीडियों कांफ्रेन्सिंग के जरिए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी,

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की बैठक लेकर कहा है कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोके जाने के लिए बाहर से गॉवों में आने वाले व्यक्तियों के लिए पूर्व में स्थापित क्वारेंटाईन सेंटरों की भांति इस समय भी क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह क्वारेंटाईन सेंटर जिले के ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत में गॉव, शहर के बाहर रखा जाएगा। क्वारेंटाईन सेंटर के संचालन के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पूर्व में स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए क्वारेंटाईन सेंटर पुनः स्थापित करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर की निगरानी के लिए स्थानीय परिस्थिति अनुसार ग्राम के स्व-सहायता समूह, युवा समिति, कोविड-19 हेतु गठित निगरानी समिति, यथास्थिति सरपंच, पंच, सचिव, कोटवार, अंागनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य स्थानीय समिति का सहयोग लिया जाए। क्वारेंटाईन सेंटर में महिलाओं एवं पुरूषों के स्थान के लिए सामाजिक मर्यादा के अनुरूप अलग-अलग स्थानों का चयन कर लिया जाए, साथ ही परिसर के शौचालय की साफ-सफाई कराते हुए उपयोग योग्य बनाया जाए। क्वारेंटाईन सेंटर के रूप में ऐसे भवन का चिन्हांकन किया जाए जहॉ विद्युत, पेयजल, शौचालय, अहाता आदि मूलभूत सेवा पूर्व से ही उपलब्ध हो।

क्वारेंटाईन सेंटर में रूकने वाले व्यक्तियों हेतु सेनेटाईजर, फिनाईल, डस्टबिन, झाड़ू, बाल्टी, गद्दा, दरी, साबुन आदि आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। क्वारेेंटाईन सेंटर के लिए चिन्हांकित भवन में कचरा प्रबंधन निपटान हेतु गढ्ढे खोदकर रखा जाए। क्वारेंटाईन सेंटर में रूके हुए लोगों को यथा संभव सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपना भोजन स्वयं तैयार कर सकें। भोजन बनाने की व्यवस्था न होने पर भोजन तैयार कर पर्याप्त सावधानी व दूरी के साथ वितरण कराने की व्यवस्था की जाए। क्वारेंटाईन में रहने वाले लोगों को किसी भी स्थिति में परिसर, चिन्हांकित क्षेत्र से बाहर जाने न दिया जाए और न ही इनसे बाहर का कोई कार्य लिया जाए।

इनके परिवार के सदस्यों आदि को सेंटर में प्रवेश न करने दें। क्वारेंटाईन सेंटर के लिए उन भवनों का चयन न किया जाए, जहॉ कक्षा बारहवीं की परीक्षा आयोजित होने वाली है, अन्य भवन में व्यवस्था की जाए। परीक्षा समाप्ति पश्चात् आवश्यकतानुसार इन हाई, हायर सेकेण्डरी स्कूलों को क्वारेंटाईन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है।क्वारेंटाईन सेंटर में यदि किसी को सर्दी-बुखार या इस तरह का कोई अन्य लक्षण दिखाई दे तो तत्काल इसकी जांच कराई जाए यदि व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव पाया जाए तो उन्हेें स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित आइसोलेशन सेंटर  या कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया जाए। आइसोलेशन सेंटर के संचालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए निर्देशों का पालन किया जाए।

कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत में राज्य या जिले के बाहर से आ रहा है तो उसका तत्काल कोरोना टेस्ट कराया जाए। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत के अंतर्गत वार्ड, मोहल्ला स्तर पर कोविड से बचाव रोकथाम व नियंत्रण के उपायों को जनआंदोलन के रूप में प्रचारित किया जाए। कोविड से बचाव संबंधी उपायों जैसे मास्क, सेनेटाईजर व सामाजिक दूरी को सामान्य ग्रामीण जनजीवन का भाग बनाने के लिए ग्राम पंचायत, नगरीय क्षेत्र, सामाजिक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित क्वारेंटाईन सेंटर के लिए नोडल अधिकारी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में स्थापित क्वारेंटाईन सेंटर के लिए नोडल अधिकारी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी होंगे।

कलेक्टर ने कहा कि काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रतिदिन लक्ष्य के अनुरूप करें। कोविड-19 में टेस्ट एवं उपचार के लिए लगे सभी ड्यूटीरत् कर्मचारियों को ट्रिपल लेयर का माॅस्क उपलब्ध कराएं। जिले में कोविड-19 के द्वितीय चरण का टीकाकरण का कार्य प्रारम्भ हो गया है। प्रथम चरण के टीकाकरण के कार्य के भाॅति ही द्वितीय चरण के टीकाकरण के कार्य को आपसी समन्वय के साथ सम्पादित कराएं। सभी टीकाकरण केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में छाया, पानी, बिजली, चेयर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। उन्होंने बताया कि जिले में सात निजी चिकित्सालयों को कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए अनुमति प्रदान भी की गई हैं। कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति इन चिकित्सालयों में जाकर निर्धारित दरों पर उपचार करा सकते हैं।

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