निजी एवं सरकारी अस्पतालों को रेमडिसीविर इंजेक्शन के उपयोग एवं रिकाॅर्ड का संधारण प्रतिदिन करना होगा

महासमुन्द। राज्य में कोरोना (कोविड-19) से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसके चलते राज्य के विभिन्न जिलों सहित महासमुन्द जिले के निजी अस्पतालों को कोविड उपचार के लिए अनुमति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य विभाग नेे निजी एवं सरकारी अस्पतालों में रेमडिसीविर इंजेक्शन के उपयोग एवं रिकॉर्ड संधारण के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक नीरज बंसोड़ ने इस संबंध में निर्देश जारी कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस संबंध में औचक निरीक्षण करने भी कहा गया है। उन्होंने कहा है कि विगत कुछ दिनों से राज्य में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए रेमडिसीविर इंजेक्शन की मांग में वृद्धि हुई है।

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इन परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 की कंडिका 03 एवं महामारी अधिनियम 1897 की कंडिका 02 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अधीन रेमडिसीविर इंजेक्शन के उपयोग एवं रिकॉर्ड संधारण के संबंध में दिशा-निर्देश प्रसारित किए गए हैं। रेमडिसीविर इंजेक्शन का उपयोग छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी ट्रीटमेंट प्रोटोकाॅल एवं आईसीएमआर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किया जाए। अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के लिए रेमडिसीविर इंजेक्शन लगाए जाने की आवश्यकता का असेसमेंट अस्पताल में कार्यरत मेडिसिन विशेषज्ञ, पल्मनोलॉजिस्ट,

इंटेंसिविस्ट अथवा अधिकृत चिकित्सक के द्वारा किया जाएगा एवं इन चिकित्सकों के अनुमोदन उपरांत ही रेमडिसीविर इंजेक्शन कोविड मरीजों को लगाया जाए।इसके अलावा अस्पताल में रेमडिसीविर इंजेक्शन का स्टॉक समाप्त होने पर मरीज के परिजनों को बाहर (मेडिकल/स्टाॅकिस्ट के माध्यम से) रेमडिसीविर इंजेक्शन की व्यवस्था किए जाने के लिए पिस्क्रिप्शन दिया जा रहा है। मेडिसिन इंजेक्शन का स्टॉक समाप्त होने के पूर्व ही अस्पताल में आवश्यक रेमडिसीविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जिला प्रशासन से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा कुछ अस्पतालों के द्वारा कोविड-19 मरीजों को ओपीडी में बुलाकर रेमडिसीविर लगाया जाना प्रोटोकॉल के विरुद्ध है।

यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पताल में भर्ती एवं उपचाररत् मरीजों को ही रेमडिसीविर इंजेक्शन लगाया जाए। रेमडिसीविर इंजेक्शन की स्टॉक एंट्री एवं यह किन-किन मरीजों को लगाया गया है उनका प्रारूप अनुसार रिकॉर्ड एवं इसके उपयोग पश्चात खाली बॉयल को संधारित किया जाए। इसकी समीक्षा एवं निरीक्षण संबंधित जिला प्रशासन एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा किया जाएगा। रेमडिसीविर इंजेक्शन का उपलब्ध स्टॉक खपत एवं मांग के संबंध में प्रारूप अनुसार जानकारी प्रतिदिन पिछले दिवस की स्थिति में प्रात 11ः00 बजे तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।

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छत्तीसगढ़ सरकार एन आई सी के कोविड-19 मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल पर निजी कोविड अस्पतालों के बेड उपलब्धता की रियल टाइम अनुसार सही जानकारी की एंट्री किया जाना सुनिश्चित करें तथा इसे दिन में कम से कम चार-पांच बार अपडेट किया जाए। पोर्टल पर दी गई ऑक्सीजन सुविधा युक्त कुल बिस्तरों की संख्या ट्रीटमेंट प्रोटोकाॅल एवं मरीजों के क्लीनिकल कंडीशन के अनुसार रेमडिसीविर इंजेक्शन की व्यवस्था के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन से आवश्यक संबंध में किया जाएगा। पोर्टल पर दी गई बिस्तरों की जानकारी के संबंध में जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा समीक्षा एवं औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा पोर्टल पर गलत जानकारी दिए जाने की पुष्टि होने पर कोविड-19 उपचार की अनुमति निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।