सामयिक चिकित्सा और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोरोना को हराया पूर्णिमा कश्यप ने

रायपुर। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, समय पर इलाज और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी बीमारी से निजात पाया जा सकता है। इसे साबित कर दिया है जांजगीर-चांपा जिले के बलोदा ब्लाक के ग्राम जर्वे (च) की पूर्णिमा कश्यप ने। बलोदा विकास खंड के कोविड केयर सह अस्पताल महुदा( ब) में गत 15 अप्रैल को बालोदा ब्लॉक के ग्राम जार्वे (च )के अनिल कश्यप और उनकी पत्नी पूर्णिमा कश्यप कोरोना पाज़ीटिव होने पर इलाज के लिए भर्ती हुए। पूर्णिमा कश्यप का ऑक्सीजन लेवल 72 प्रतिशत था। आक्सीजन की कमी के कारण उन्हें सांस लेने में इतनी तकलीफ थी की वह लेट भी नहीं पा रही थी। धड़कन बहुत तेज़ चल रही थी। पूर्णिमा की हालत बहुत गंभीर थी। अनिल सामान्य संक्रमित थे। पूर्णिमा की गंभीर हालात देख कर उन्हें डॉ रामायण सिंह, बीपीएम पार्थ सिंह , आरएमए डॉ नील सागर यादव, वीरेंद्र केसरवानी, के के देवांगन,

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स्टाफ नर्स श्वेता सिंह, संतोषी जगत, बबीता जोगी, वार्ड बॉय वीर सिंह, प्रकाश यादव, स्वीपर अशु महंत, लक्ष्मण की टीम ने तुरंत इमरजेंसी इलाज़ की तैयारी शुरु की। आवश्यक कोविड गाइड लाइन के अनुसार इलाज शुरू किया। जरूरत पर उन्हें आक्सीजन मैंटेन कर , खाना , सफाई आदि की पूर्ण व्यवस्था कर उनका समर्पित भाव से इलाज किया किया गया। लगातार ऑक्सीजन मैंटेन कर दवाई , इंजेक्शन, आई वी दी गई। डॉक्टर और उनकी टीम की मेहनत तथा पूर्णिमा की स्वस्थ होने की दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोरोना ने घुटने टेक दिए और पूर्णिमा सामान्य अवस्था में आ गई। 26 अप्रैल को बिना ऑक्सीजन मशीन के पूर्णिमा का आक्सीजन लेवल 97-98 प्रतिशत आ गया। स्वस्थ होने पर उनके पति जो सामान्य लक्षण के थे, वे भी समय पर मिले उपचार से स्वस्थ हो गए, दोनों को गत 26 अप्रेल को एक साथ डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोरोना से निश्चित रूप से मुक्त होकर स्वस्थ हुआ जा सकता है।

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