रायगढ़: होटल इंडस्ट्रीज के लिए उत्पाद बनाएंगी महिला स्व-सहायता समूह

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रायगढ़। महिला समूहों के आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। कलेक्टर भीम सिंह की पहल पर अब महिला स्व-सहायता समूह रायगढ़ के होटल इंडस्ट्रीज में उपयोग होने वाले उत्पाद बनाकर सप्लाई करने जा रहे है। इसके लिए कलेक्टर भीम सिंह ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शहर के सभी होटल संचालकों व प्रबंधकों की बैठक ली। कलेक्टर सिंह ने बताया कि महिला समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार किए जा रहे है। जिनमें से कई उत्पाद होटल इंडस्ट्रीज व हॉस्पिटलिटी सेक्टर में उपयोग किए जाने वाले है।

उन्होंने कहा कि होटलों की जरूरत के मुताबिक साबुन, शैम्पू, कस्टमाईज पैकेजिंग के साथ तैयार किए जा सकते हैं। इसके साथ ही वहां साफ-सफाई के लिए जरूरी फिनाईल झाडू, डिटर्जेन्ट जैसे उत्पादों की सप्लाई भी समूहों द्वारा की जा सकती है। होटल संचालकों ने महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को अपने होटलों में इस्तेमाल पर रूचि दिखाते हुए सहमति जतायी। कलेक्टर सिंह ने कहा कि इसके अलावा महिला समूहों द्वारा होटलों में गार्डनिंग के लिए गमले व फ्लावर पॉट भी तैयार कर उपलब्ध करा सकते है।

उन्होंने होटल संचालकों को अपने होटलों में आवश्यक अन्य सामग्रियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है जिसके आधार पर महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के लिए लिंकेज किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे महिला समूहों का आजीविका संवर्धन तो होगा ही स्थानीय स्तर पर भी हास्पिटेलिटी सेक्टर के लिए आवश्यक उत्पादों को तैयार करने की संभावनाएं बढ़ेगी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल, सहायक कलेक्टर प्रतीक जैन, शहर के सभी होटलों के संचालक व प्रबंधक मौजूद रहे।

रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने हुई चर्चा

कलेक्टर सिंह ने होटल संचालकों से विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्थानीय स्तर पर आने वाले टूरिस्टों के बीच ग्रामीण जनजीवन व संस्कृति संबंधी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चर्चा की। उन्होंने कहा कि यहां विभिन्न उद्योग संचालित है। जिससे जुड़े कार्यों के लिए देश-विदेश से लोग रायगढ़ पहुंचते है। जिले में विभिन्न प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थान है जहां पर्यटन संबंधी गतिविधियों के लिए अच्छी संभावनाएं मौजूद है।

उन्होंने होटलों से टाईअप कर ऐसे टूरिस्ट सर्किट बनाने की बात कही जहां एक दिन का टूर प्लान कर बाहर से आने वाले पर्यटकों को इन स्थानों के साथ ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराती स्थानों का भी भ्रमण करवाया जा सकता है। जहां वे ग्रामीण जनजीवन को करीब से देखकर उसके बारे में और जानकारी ले सकते है। इस दौरान उन्हें ग्रामीण खान-पान व पकवानों का स्वाद लेने का मौका भी मिलेगा। इसके लिए उन्होंने सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।