रायपुर, छत्तीसगढ़ कृषि बीज निगम के प्रबंध संचालक एवं संयुक्त सचिव श्री शिव अनंत तायल ने आज मंड़ी बोर्ड परिसर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ और रबी फसलों के बीमा के प्रति किसानों को जागरूक करने सात प्रचार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इन प्रचार-प्रसार वाहनों के माध्यमों से गांव-गांव, गली-गली घूम-घूम कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाने किसानों को प्रेरित करेंगे।

कृषि विभाग द्वारा एक जुलाई से 07 जुलाई 2021 तक फसल बीमा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस मौके पर कृषि एवं जैव प्रौधोगिकी विभाग के संयुक्त सचिव  बी.के. मिश्रा सहित  के.सी. पैंकरा,  एस.सी. कदम, के.सी. बेहरा, डॉ. सुमित सोरी,  जी.के. पीडिया,  भूपेन्द्र पाण्डेय,  आमिर खुर्सिद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि कृषि विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में खरीफ एवं रबी फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू कर दी गई है।

वर्ष 2021-22 के खरीफ एवं रबी मौसम के लिए राज्य स्तरीय तकनीकी समिति के अनुमोदन के बाद जिलेवार निर्धारित ऋणमान प्रति हेक्टेयर को योजना के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर बीमित राशि के रूप में अधिसूचित किया गया है। खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 तक निर्धारित किया गया है

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में इस योजना से किसानों को बीमा कव्हरेज के अंतर्गत खड़ी फसल में बुवाई से लेकर फसल की कटाई तक और उसके बाद होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है। योजना में किसानों को कम वर्षा अथवा प्रतिकूल प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण बुवाई ना होने पर भी बीमा का लाभ मिलेगा।

इसी तरह फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गए फसल की क्षति होने पर भी किसानों को बीमा का लाभ मिलेगा। किसानों को खड़ी फसल में सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, अग्नि एवं अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान पर को भी बीमा में शामिल किया गया है

योजना के लिए जिलावार फसले अधिसूचित की गई है, खरीफ सीजन में सिंचित और असिंचित धान के अलावा मक्का, सोयाबीन, मूंगफल्ली, तुअर (अरहर), मूंग तथा उड़द को शामिल किया गया है। इसी प्रकार रबी फसल के अंतर्गत सिंचित और असिंचित गेहूं फसल के अतिरिक्त चना, राई, सरसो, अलसी को शामिल किया गया है। फसल का रकबा 10 हेक्टेयर या उससे अधिक होने पर संबंधित बीमा इकाई में अधिसूचित किया जाएगा। बीमा योजना में ऋणी किसान तथा गैर ऋणी किसान शामिल हो सकते हैं।