गौरतलब है कि विगत 13 जून को मुख्यमंत्री  बघेल द्वारा बाल आश्रम के पूर्व अध्यक्ष सेठ  नेमीचंद श्रीश्रीमाल व उपाध्यक्ष श्री गोविंद लाल वोरा जी की प्रतिमाओं का वर्चुअल अनावरण किये जाने के परिपेक्ष्य में यह सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर  अजय तिवारी ने बताया कि बाल आश्रम रायपुर की स्थापना 1924 में हुई थी तथा सेठ नेमीचंद श्रीमाल व  गोविंद लाल वोरा जी 45 वर्षों तक बाल आश्रम रायपुर के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने आश्रम द्वारा असहाय बच्चों के भरण-पोषण सहित भविष्य निर्माण हेतु किये गए कार्यों में अपना अमूल्य योगदान दिया।

आश्रम द्वारा शिक्षित बच्चों ने विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं को स्थापित किया है। वर्तमान में भी आश्रम द्वारा 6 से 20 आयु वर्ग के 120 असहाय बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। बाल आश्रम रायपुर ने कोरोना संकट में अनाथ हुए बच्चों के भी भरण-पोषण तथा शिक्षा के लिए समुचित इंतजाम करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री ने उनके सहयोग के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।