मंत्री श्री भगत ने भवन निरीक्षण के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप कार्यालय का सुसज्जित स्वरूप हो। कार्यालय भवन में रिसेप्शन के कर्मचारी और गाइड अपडेटेड हों ताकि अन्य राज्यों व विदेशों से आने वाले पर्यटकों, कलाकारों एवं नागरिकों को छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अंग्रेजी में विस्तार से छत्तीसगढ़ी संस्कृति के बारे में जानकारी दे सकें। मंत्री श्री भगत ने कार्यालय भवन में सभी अकादमियों, फिल्म विकास निगम मंडलों के अध्यक्षों एवं सदस्यों के लिए भी बैठक व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

उन्होेंने कहा कि एक अम्ब्रेला के नीचे सभी प्रभागों को लाने की अवधारणा पूर्ण होना चाहिए, जिससे कार्यालय अने वाले नागरिकों, कलाकारों, बुद्धजीवियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने आगंतुकों के चाय-नाश्ता, भोजन आदि के लिए गढ़कलेवा अथवा कैंटिन संचालित करने पर भी जोर दिया।

मंत्री  भगत ने संस्कृति परिषद् के लिए प्रस्तावित कार्यालय भवन के निरीक्षण के बाद कर्मचारियों, अधिकारियों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के लिए टेबल-कुर्सी की व्यवस्था सहित बिजली, पंखा तथा साफ-सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य सहित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व संस्कृति विभाग के  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।