रायपुर, खाद्य और संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत ने कहा है कि किसानों की बेहतरी और उनके हितों का संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में बीते ढाई सालों में छत्तीसगढ़ में खेती किसानी समृद्ध हुई है।  किसानों के जीवन में खुशहाली का एक नया दौर आया है।  भगत ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने में सरकार जुटी है, ताकि किसान भाईयों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

मंत्री भगत रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय सरगुजा कुटीर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण, संस्कृति एवं पुरातत्व, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री  भगत ने कहा कि बीते वर्ष विपरीत परिस्थितियों में भी हमने समर्थन मूल्य पर धान की सफलतापूर्वक खरीदी की। बारदाने की कमी के बावजूद भी किसान भाईयों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी।

मंत्री  भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने खेती-किसानी और किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिसमें किसानों की कर्जमाफी, सिंचाई कर की माफी और उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के फैसले ने राज्य में कृषि को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि इसी का ही यह परिणाम है कि बीते खरीफ सीजन में 92 लाख मीटरिक टन धान की रिकार्ड खरीदी हुई।

सेंट्रल पूल में वायदे के मुताबिक चावल न लिए जाने के कारण राज्य के सामने अतिशेष धान के निष्पादन की समस्या का भी उन्होंने उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और उनके मार्गदर्शन में इसका हल भी निकाल लिया गया है। आज की स्थिति में मात्र एक लाख मीट्रिक टन धान अतिशेष है। नीलामी के माध्यम से 30 जून से इसका निष्पादन शुरू हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। किसी भी स्थिति में इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी की सुगम व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए खरीदी केन्द्रों में अभी से आवश्यक व्यवस्थाएं, बारदाना एवं अधोसंरचना का निर्माण कार्य कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने खाद्य एवं विपणन संघ के अधिकारियों को संयुक्त रूप से धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

खाद्य मंत्री श्री भगत ने पीडीएस व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की और कहा कि निराश्रित और गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने इस व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और इस पर सतत् रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड काल में हर जरूरतमंद को राशन उपलब्ध कराने में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी और कहा

कि आप सबके प्रयासों से कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहा। मंत्री  भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मई और जून माह का निःशुल्क खाद्यान्न दिए जाने की घोषणा की थी जिसे अब बढ़ाकर नवम्बर 2021 तक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को मुख्यमंत्री की घोषणा का लाभ सहजता से मिले यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

मंत्री  भगत ने प्रदेश में ’वन नेशन, वन राशन कार्ड’ की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने ’वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को शीघ्र अमल में लाने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से नगर निगम रायपुर और धमतरी में इसका ट्रायल प्रारंभ हो जाएगा। माह अगस्त माह से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने का लक्ष्य है।

    मंत्री श्री अमरजीत भगत ने इस दौरान संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ फिल्म पॉलिसी को लेकर गंभीर है। छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 की रूप-रेखा तैयार कर ली गई है।

मंत्री परिषद में अनुमोदन के पश्चात जल्द इसे अमल में लाया जाएगा। उन्होंने नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में बनने वाले भारत भवन, मानव संग्रहालय, अभिलेखागार निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मंत्री  भगत ने ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ पर्यटन स्थलों में ठहरने, खान-पान, आवागमन आदि की सुविधा बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।संस्कृति मंत्री  भगत ने प्रदेश के कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराने के साथ-साथ कलादलों, मानस मंडलियों को सहजने और संवारने की कार्य योजना तैयार करने अधिकारियों को निर्देशित किया।

बैठक में इन कलाकरों एवं मानस मंडलियों को पेंशन-प्रोत्साहन देने पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंत्री  भगत ने विलुप्त हो रहे लोक संस्कृति, वाद्ययंत्रों, दस्तावेजों को संरक्षित रखने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव अन्बलगन पी., खाद्य विभाग के सचिव  टोपेश्वर वर्मा, खाद्य विभाग के विशेष सचिव  मनोज सोनी, मार्कफेड की प्रबंध संचालक  किरण कौशल, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक  निरंजन दास, नाप-तौल विभाग की प्रबंध संचालक  शिखा राजपूत, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ भण्डारण गृह निगम के प्रबंध संचालक  अभिनव अग्रवाल, अतिरिक्त प्रबंध संचालक  अजय अग्रवाल सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।