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समाधान-36 : सूचना तंत्र सुस्त… कर्मचारी तो पहुंचे लेकिन, उन्हें जाने के बाद पता चला तीसरे नहीं अब चौथे शनिवार को होगा

महासमुंद। जिले में शासन के विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यो को शत-प्रतिशत क्रियान्वयन करने के लिए समाधान-36 को सालभर बाद पुन: शुरू की गई है। कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने 2 मई को कहा था कि समाधान-36 के माध्यम से विभिन्न विभागों के समन्वय से पात्र हितग्राहियों का चिन्हाकंन कर लाभान्वित करने के लिए माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को समाधान-36 कार्ययोजना फिर से शुरू की गई है। लेकिन, पहले ही शनिवार 5 मई को समाधान-36 कार्यक्रम फेल हुआ था और ग्रामीणों ने इसे मजाक बताया था। पहले दिन की शिविर में ग्रामीण तो पहुंचे थे, लेकिन अफसर नहीं पहुंचे थे।

  • जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 19 मई शनिवार को समाधान-36 किया जाना था। लेकिन, इस शनिवार को तो पहले से भी ज्यादा मजाक बनकर रह गया। ग्रामीणों से कहा गया कि अब तीसरे नहीं चौथे शनिवार को समाधान-36 आयोजित किया जाएगा। प्रशासन द्वारा समय बदलने का किसी तरह का भी निर्देश जारी नहीं किया।

कार्यक्रम स्थल से वापस लौटे कर्मचारी

  • पटेवा, कोमाखान, कौहाकुड़ा, हाथीबाहरा, बिरकोनी, खट़टी सहित सभी जगहों पर सचिव-सरपंच, रोजगार सहायक, टीचर, पटवारी सहित जमीनी स्तर में काम करने वाले कर्मचारी कार्यक्रम स्थल में पहुंच चुके थे,
  • लेकिन उन्हें वहां जाने के बाद पता चला कि समाधान-36 आगामी चौथे शनिवार को किया जाना है। इन कर्मचारियों तक प्रशासन की सूचना नहीं पहुंची थी।

कंफ्यूजन भरा आदेश

  • जिन अफसरों को समाधान-36 के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, उन्हें दो पत्र प्रशासन की ओर से जारी किया गया। 28 अप्रैल को जारी पत्र क्रमांक 271 में कहा गया कि पहला और चौथा शनिवार को समाधान-36 होगी,
  • लेकिन इसी तारीख को दूसरे पत्र क्रमांक 272 में कहा गया कि प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित होगी।
  • इसके बाद अफसरों को किसी तरह की पत्र जारी नहीं हुआ है। इसलिए सभी मान रहे थे कि 19 मई को सभी जगहों पर सामाधान-36 होगी।

विकास यात्रा को लेकर सराईपाली में बैठक

  • जिन अफसरों को समाधान 36 का नोडल अधिकारी बनाया गया है, उनका 19 मई शनिवार को सराईपाली में बैठक ली गई। इधर, जमीनी स्तर में काम करने वाले कर्मचारी और ग्रामीण भटकते रहे।
  • खट्‌टी के सरपंच दूजराम साहू ने कहा शनिवार 19 मई को समाधान-36 गांव में आयोजित है, अभी तक पता नहीं चला है कि समाधान-36 कैसिंल हो गई है।
  • कोमाखान के मनोज ठाकुर ने बताया कि समाधान-36 को पूरी तरह से प्रशासन ने मजाक बना लिया है। सालभर बाद समाधान-36 शुरू किया गया है, उसमें भी प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। ग्रामीण तो भटक ही रहे हैं, यहां तक प्रशासन के अधीनस्थ कर्मचारियों को ही पता नहीं हैं कि समाधान होगी या नहीं।

बीआरसी को भी स्थगन की सूचना नहीं

  • महासमुंद बीआरसी योगेश्वर साहू ने बताया उनका डयूटी बिरकोनी में लगाई गई है, जब वे बिरकोनी पहुंचे तो पता चला कि अब चौथे शनिवार को समाधा-36 होना है। उनके पास कैंसिल की सूचना नही थी।
  • खम्हरिया के लिए नेाडल अधिकारी एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. तरसेम बजाज ने बताया उन्हें समाधान-36 के लिए दो पत्र मिला है, पहला पत्र में चौथा और दूसरा पत्र में तीसरे शनिवार को समाधान-36 होना बताया गया है, इसमें कंफ्यूजन है, इसलिए मै ज्यादा कुछ नहीं बता पाऊंगा, आज सराईपाली की बैठक में शामिल होने आया हूं।

यहां पर पढ़िए http://जिले में समाधान 36 के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

http://पहले ही दिन बना मजाक

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