24 कुत्तों के साथ तस्कर गिरफ्तार, नागालैंड में चॉव से खाते हैं कुत्ते का मॉस

असम | पुलिस ने जोरहाट में 24 स्थानीय कुत्तों को अवैध रूप से तस्करी कर नागालैंड ले जाने से बचाया। कुत्तों को रस्सियों और बोरियों से बांधा गया था। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया: ममोनी हजारिका, डीएसपी, जोरहाट (16.12)

नगालैंड के नागा कुत्ते का मीट खाने को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। इन लोगों का कहना है कि सरकार ने बिना विचार किए जल्दबाजी में फैसला लिया। पूर्वोत्तर राज्यों में कुत्ते के मांस को उच्च पोषण और औषधीय माना जाता है। इसलिए स्थानीय लोग इस फैसले का जमकर विरोध ककर रह हैं। लोगों का कहना है, वे इसे सालों से खा रहे हैं। खान पान पर इस तरह पाबंदी लगाना ठीक नहीं है।

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पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्यों में कुत्ते का मीट खाया जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा यह नगालैंड में बिकता है। नगालैंड और असम की सीमा में बसा दीमापुर कुत्ते के मांस का सबसे बड़ा बाजार है। इसे मार्केट से पूरे पूर्वोत्तर में कुत्तों की तस्करी होती है।

200-250 रुपए किलो बिकता है कुत्ते का मांस

दीमापुर में कुत्ते का मांस सुखाकर बेचा जाता है। यहां एक किलो मांस की कीमत 200-250 रुपए किलो तक होती है। यहां से यह मांस छोटी दुकानों और होटलों में भी जाता है

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