बंगाल हिंसा भड़का ओवैसी बोलें, लोगों के जीवन की रक्षा करना किसी भी सरकार का प्राथमिक कर्तव्य

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC के प्रचंड जीत के बाद कई जगहों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया। लगातार TMC के समर्थक पार्टी विरोधी लोगों और BJP समर्थकों को निशाना बनाकर हमला कर रहे हैं। कई जगहों पर BJP कार्यालय में आग लगा दी गई तो कई जगहों पर जमकर तोड़फोड़ की गई।

इस तरह की हिंसात्मक घटना को लेकर फिर से ममता बनर्जी निशाने पर आ गई हैं। तमाम लोग ये कह रहे हैं कि ममता बनर्जी को अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं पर रोक लगानी चाहिए। वहीं अब AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल हिंसा पर एक बड़ा बयान दिया है।

ओवैसी ने कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा करना किसी भी सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा ”जीवन का अधिकार मौलिक अधिकार है। किसी भी सरकार का पहला कर्तव्य लोगों की जिंदगी बचाना है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, वे अपने मौलिक कर्तव्य में विफल हैं। देश के किसी भी हिस्से में, लोगों की जिंदगी बचाने में किसी भी सरकार की असफलता की हम निंदा करते हैं।”

बता दें कि चुनाव परिणाम आने के बाद बंगाल में व्यापक हिंसा भड़क उठी। राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 2 मई को विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए।

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बंगाल दौरे पर पहुचे JP नड्डा

आपको बता दें कि चुनाव परिणाम सामने आने के बाद बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे हैं। नड्डा ने पीड़ित कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वहीं दूसरी तरफ, बंगाल की स्थिति को लेकर PM नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से बात की।

हिंसा को लेकर CM ममता बनर्जी ने प्रदेश के तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, DGP और कोलकाता के Police कमिश्नर शामिल होंगे। बता दें कि परिणाम के दिन हिंसा की घटना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने अपने समर्थकों से सयंम बरतने की अपील की थी।

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली है। BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर झड़प के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई। सोशल मीडिया पर मारपीट, आगजनी और दुकानों को लूटे जाने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। भाजपा का दावा है कि उसके 6 कार्यकर्ता मारे गए, वहीं जबकि कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार 9 से अधिक कार्यकर्ता की हत्या हुई है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।