तूफान ‘गुलाब’ आंध्र और Odisha के तटों से टकराया, 6 मछुआरे हुए लापता

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Cyclone Gulab

चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में दस्तक दे दी है। देर रात को यह 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से Odisha के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों से टकराया। समंदर में उठी ऊंची लहरों के बीच आंध्र प्रदेश के छह मछुआरे बंगाल की खाड़ी में लापता हो गए।

इसके अलावा, कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने और पेड़ों के उखड़ने की सूचना है। मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी करने के मद्देनजर दोनों ही राज्यों में राहत बचाव दलों ने काम शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के पहले 75 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर पहले ही रेड अलर्ट जारी किया था। शाम पांच बजे के आसपास गुलाब ओडिशा के गोपालपुर से 125 किलोमीटर और आंध्र के कलिंगपट्टनम से 160 किलोमीटर दूर था। यह आधी रात तक कलिंगपट्टनम और गोपालपुर के बीच तट को पार करेगा।

ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 34 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इसके अलावा 13 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है और 17 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। रेलवे की ओर से पुलों और सिग्नल ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही है।

Odisha के विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया कि ‘चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab)  का शाम करीब छह बजे शुरू हुआ लैंडफॉल का सिलसिला अब भी जारी है। आसमान में जो गहरे बादल घिर आए हैं उसके 1-1.5 घंटे में समुद्र की तरफ बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान Odisha में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।’

पीके जेना ने आगे कहा कि ‘मौसम विभाग की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि रात बढ़ने के साथ बारिश बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन ने चौकसी बरतने को कहा है। अभी तक कोई बड़ा भूस्खलन नहीं हुआ है। रात नौ बजे तक, छह जिलों में लगभग 39,000 लोगों को निकाला गया है।’

इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि तूफान देर रात तक ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों के बीच टकराएगा। आंध्र के श्रीकाकुलम में एक नाव में सवार छह में से पांच मछुआरे तेज लहरों के कारण उछलकर समुद्र में गिर गए। इनमें से तीन तैरकर तट पर आ गए, लेकिन उनका कहना है दो अन्य की मौत हो गई। एक अन्य मछुआरा जो नाव में था, वह अभी लापता बताया गया है। शहर के 61 राहत शिविरों में 1100 लोगों को ठहराया गया है। संयुक्त कलेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि अगले दो घंटे महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। एनडीआरएफ की दो व एसडीआरएफ की चार टीमें क्षेत्र में पहुंच गई हैं।

CM नवीन पटनायक ने शून्य नुकसान का रखा लक्ष्य

चक्रवात ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) के खतरे को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज दिल्ली के ओडिशा भवन में एक बैठक की और आवश्यक सावधानियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 10 जिलों में इस तूफान का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है। पटनायक ने राज्य के मुख्य सचिव व जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। तूफान की आशंका वाले जिलों में शून्य नुकसानी का लक्ष्य तय किया।

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5 हजार लोगों को निकाला

Odisha के राज्य के राहत आयुक्त पीके जेना ने मीडिया को बताया कि ओडिशा के तटीय 11 जिलों में हमने एनडीआरएफ की 24 और ओडीआरएफ की 42 टीमें तैनात की हैं। गजपति व गंजाम जिलों से 5000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सात जिलों- गजपति, गंजम, रायगढ़ा, कोरापुट, मल्काजगिरि, नबरंगपुर और कंधमाल- को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान बनने का पूर्वानुमान लगाया है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक तूफान दक्षिणी ओडिशा और पड़ोसी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी

अगले तीन दिनों के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और Odisha, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मछुआरों को 27 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तरपूर्वी क्षेत्र में समुद्र में जाने से मना किया गया है। पाकिस्तान ने इस तूफान का नाम ‘गुलाब’ रखा है।