छत्तीसगढ़ नर्रा के छात्रों ने किया कमाल, बनाया सॉफ्टवेयर…अब रोकी जा सकेगी ऑनलाइन पढ़ाई में नकल

छत्तीसगढ़। कोरोना के वजह से जहां स्कूलों में ताले लग रहे हैं, वहीं नर्रा एटीएल के छात्र घर में बैठकर ऑनलाइन मोड से टिंकर फ्रॉम होम की  तर्ज पर नई तकनीकों को सीख रहे हैं। ऐसे ही एटीएल नर्रा के छात्रा हिमांशी देवांगन और यमुना यादव ने ऑनलाइन पढ़ाई और ऑनलाइन एग्जाम के दौरान किसी भी प्रकार के नकल गतिविधियों को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से ऑनलाइन एग्जाम के दौरान अगर कोई छात्र सवालों को हल करने के लिए मोबाइल या बुक अथवा किसी अन्य व्यक्ति की मदद लेते हुए नकल करने की कोशिश करते हैं तो इस सॉफ्टवेयर की मदद से उन्हें पकड़ा का सकता है, इस से ऑनलाइन एग्जाम भी सही तरीके से करने मदद मिलेगी।

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ऑनलाइन मोड से टिंकर फ्रॉम होम

छात्राओं ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस  तकनीक का  उपयोग करते हुए इंटेल की वैज्ञानिकों की मदद से इस सॉफ्टवेयर को तैयार किया है। छात्रा हिमांशी और यमुना ने बताया कि ग्रामीण स्कूल में पढ़ते हुए भी ऐसी सुविधाएं और मंच उपलब्ध कराने में विद्यालय के व्याख्याता सुबोध कुमार तिवारी ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया है।

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व्याख्याता सुबोध कुमार तिवारी

शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्रा के छात्रों ने किया कमाल, पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित 9 छात्र में से 7 इस विद्यालय के”