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कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की ली क्लास कहा स्वास्थ्य संबधी संचालित योजनाओं को बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचाए

महासमुंद. जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के उद्देश्य से शासन द्वारा कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, और उन योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं की और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उददेश्य से आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और कहा कि शासन की स्वास्थ्य संबंधी संचालित योजनाओं को और बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें।

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अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ के सहयोग से स्वास्थ्य केन्द्रों में अधिक सुविधाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने गर्भवती माताओं का निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार शत्-प्रतिशत पंजीयन, जांच कराने एवं संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। जिन एएनएम द्वारा गर्भवती माताओं का पंजीयन सही तरीके से नहीं किए जाने पर उनके विरूद्ध नोटिस जारी कर उचित कार्रवाई करने को कहा।

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पिथौरा एवं सरायपाली में गर्भवती माताओं का एएनसी जांच कम होने पर संबंधित विकासखंड के चिकित्सा अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने गर्भवती माताओं की जांच के दौरान गंभीर रक्ताल्पता (एनीमिया) के प्रकरण पर तत्काल उचित उपचार करने तथा जिन स्थलों पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति प्राथमिक अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिकित्सकों को साफ तौर पर कहा है कि किसी भी स्थिति में गर्भवती माताओं की होम डिलवरी नहीं होनी चाहिए।

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कुष्ठ उन्मुलन पर हुई समीक्षा

बैठक में कलेक्टर ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के अलावा रोजगार सहायक, पटवारी, सचिव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के संयुक्त टीम गठित कर एवं उन्हें जुलाई माह में प्रशिक्षण दिलाए। जिससे कि वे सभी विकासखंडों में कुष्ठ प्रभावित संभावित गांवों में चरणबद्ध तरीके से अभियान घर-घर जाकर प्रकरण चिन्हाकिंत कर सके, ताकि उनका समुचित उपचार किया जा सके।

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कलेक्टर ने अत्यंत गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नावास केन्द्र में निर्धारित तिथि तक भर्ती कराकर उनका समुचित उपचार करें। उन्होंने राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजनांतर्गत नागरिकों द्वारा बनाए गए स्मॉर्ट कार्ड के द्वारा चिकित्सालयों में मरीजों द्वारा उपचार कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

ऐसे स्वास्थ्य विभाग ने दिखाया अपना आंकड़ा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि एक अपै्रल से मई 2018 तक 6 हजार 271 मरीजों द्वारा स्मार्ट कार्ड के माध्यम से उपचार कराया गया हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान के तहत जिले में एक हजार 115 महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया है।

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उन्होंने बताया कि जिले में शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक अप्रैल से 30 मई तक 2 हजार 847 नवजात शिशु जन्म हुए, इनमें 188 नवजात शिशुओं का वजन ढ़ाई किलों से कम था उनका उपचार कर लाभान्वित किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.बी. मंगरूलकर, सिविल सर्जन डॉ. आर.के. परदल के अलावा सभी विकासखंड के खंड चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

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