महासमुंद जिले के किसान पीएम किसान निधि से वंचित हो रहे प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा यहां की किसान उठा रहे

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महासमुंद : पीएम किसान (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) योजना का 9वां किस्त 9 अगस्त को 9.50 करोड़ से अधिक किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में पैसा भेजा गया। परन्तु प्रशासनिक लापरवाही के चलते जिला के बहुत से कृषक लाभ से वंचित हैं। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक एवं विजया बैंक का विलय हुआ है उसी प्रकार एसबीआई एवं पीएनबी में भी कुछ बैंकों का विलीनीकरण किया गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम किसान पोर्टल के आई डी में वर्तमान में देना बैंक का विलीनीकरण पश्चात बैंक ऑफ बड़ौदा में नाम दर्शित नहीं हुआ है।

पीएम किसान के Web portal में कृषक/ हितग्राही के आधार स्टेटस की जांच से पता चलता है कि 9 वीं किस्त का पैसा खाते में जमा ना होने का कारण “Rejected by Bank, Bank account number is invalid” जानकारी प्राप्त होता है। जबकि इन सभी हितग्राही कृषकों को पूर्व मे प्रधानमंत्री सम्मान निधि के राशि का लाभ प्राप्त हो रहा था। यहां यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि web portal में IFCS नंबर तो सुधार दिया गया परन्तु पुराना खाता नंबर जो देना बैंक का ही है दिखा रहा है।

वित्त मंत्रालय के निर्देश अनुसार जब इन बैंकों का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा या अन्य बैंक में हुआ तब स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक अधिकारी का दायित्व बनता है कि हितग्राही का खाता नंबर जो इन बैंकों में है, का सुधार करते हुए पीएम किसान का लाभ देने हेतु कार्य करें लेकिन घोर प्रशासनिक लापरवाही के चलते प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जिसका उद्देश्य कृषक कार्य में हुए व्यय में आंशिक सहायता है,

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मे पतीला लगाकर घोर लापरवाही की जा रही है। बैंक अधिकारियों का कथन है कि जब तक दोनो नंबर सही नही होंगे खाते में राशि नही आएगी। कृषि उपज मंडी समिति, बागबाहरा के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खातों, IFSC नंबर दोनो में तत्काल सुधार कर एवं वेब पोर्टल में देना बैंक के सभी ब्रांच को बैंक ऑफ बड़ौदा में परिवर्तित करते हुए हितग्राहियों को लाभान्वित करें।