कलेक्टर ने की कृषि से जुड़े विभागों के ज़िला स्तरीय कामकाज की समीक्षा की

0
110

महासमुंद। कलेक्टर डोमन सिंह ने शनिवार को कृषि से जुड़े विभागों की ज़िला स्तरीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने गौठानों में ख़रीदें गोबर और बनाए गए वर्मी कम्पोस्ट के साथ ही वर्मी बिक्री के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप गौठानों को और अधिक बहुउपयोगी और बहुउद्देश्यीय कार्यस्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे और ज़्यादा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत आकाश छिकारा, डिप्टी कलेक्टर डॉ.नेहा कपूर, उप संचालक कृषि, एस.आर.डोंगरे,सहित पशुधन, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, केवीके , उद्यानिकी अधिकारी उपस्थित थे। ज़िले के सभी जनपद सीईओ और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए।

http://विभाग ने पोषण माह के दौरान जन-जागरूकता के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलण्डर तैयार किया

कलेक्टर ने सभी से बारी-बारी से राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की तैयारियों के बारे में पूछा।कलेक्टर सिंह ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना 1 सितम्बर से प्रारंभ हो रही है। समय रहते सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली जाए। आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों में कर्मचारी कार्यालय समय पर उपस्थित रहे तथा प्राप्त आवेदन पत्रों का आनलाइन एंट्री हो जाए यह सुनिश्चित कर लें। सीईओ ज़िला पंचायत छिकारा ने कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतीकरण के माध्यम से गोधन न्याय योजना की अब तक प्रगति के संबंध में बताया। कलेक्टर सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान के बदले अन्य फसल लेने एवं वृक्षारोपण हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की गई है।

http://CG : ड्रामा अभी बाकी है! TS बाबा फिर रवाना हुए दिल्ली… कल ही दिल्ली से वापस लौटे थे

कृषि विभाग के अधिकारी ज़िले के किसानों की हर संभव मदद करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। समीक्षा के दौरान उन्होंने गौठानों के माध्यम से बनाए गए उपयोगी वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा तथा कहा कि इससे रसायनिक खाद् जैसे डी.ए.पी तथा यूरिया आदि की निर्भरता भी कम की जा सकती है। उन्होंने चालू खरीफ मौसम में खेती-किसानी,फसलों के लिए खाद-बीज के वितरण की जानकारी भी ली। उन्होंने खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण रखने कहा। उन्होंने वृह्द वृक्षारोपण कार्यक्रम,रोका-छेका अभियान, गांवों में चारागाह के लिए अतिक्रमित भूमि को रिक्त करवाने एवं उसमें उन्नत किस्म के चारे नेपीयर ग्रास लगाने की कार्ययोजना की जानकारी ली। कलेक्टर ने और गौठानों में चारागाह बनाने और इनमें अच्छी किस्म का चारा लगाने के निर्देश दिए।