महासमुंद। बागबाहरा ब्लॉक में इन दिनों एक तेल चोर भालू ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। हाइवे किनारे बसे ग्राम बाम्हनडीह में बीते पखवाड़ेभर से दर्जनों घरों में भालू घुसने की घटनाएँ सामने आई हैं। खास बात यह है कि भालू सीधे रसोईघर में घुसकर तेल और खाद्य सामग्री को निशाना बना रहा है। हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
कई घरों में घुसा भालू
रविवार और सोमवार की सुबह भालू ने जिन घरों में घुसपैठ की, उनमें त्रिलोचन शर्मा, छोटू साहू, बंशी यादव, पवन सेन, सागर त्रिपाठी सहित कई अन्य ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भालू घर का दरवाजा तोड़कर या दीवार फांदकर रसोई तक पहुँच रहा है।
हाल ही में छोटू साहू के घर में भालू दो बार घुस चुका है। पहली बार परिवारवालों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था, जिसके बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोलकर भालू को बाहर निकाला था। एक सप्ताह बाद आज फिर वही घटना सामने आई।
5 फीट बाउंड्री वॉल और दरवाजा तोड़कर घुस रहा भालू
रविवार सुबह त्रिलोचन शर्मा के घर में भालू 5 फीट की दीवार फांदकर घुसा। परिवार के लोग रसोई के सामने सो रहे थे। आवाज सुनकर जागने पर भालू दीवार फांदकर भाग गया।
सुबह-सुबह घरों में घुसपैठ
ग्रामीणों ने बताया कि भालू सुबह 5 से 7 बजे के बीच सक्रिय रहता है और अक्सर घरों में प्रवेश कर रहा है।
भालू की संख्या बढ़ी, विभाग का कोई ठोस प्लान नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भालू की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की ओर से सुरक्षा या रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
मार्निंग वॉक बंद, दहशत का माहौल
भालू के डर से ग्रामीणों ने सुबह का मार्निंग वॉक पूरी तरह बंद कर दिया है। कई लोगों ने सुबह 7 बजे तक भालू को गांव में घूमते देखा है।
क्षतिपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
छोटू साहू ने बताया कि भालू ने उनके रसोई में रखे नए तेल टीपा सहित करीब 5 हजार रुपए की खाद्य सामग्री बर्बाद कर दी, लेकिन फॉरेस्ट विभाग ने मात्र 1,600 रुपए की क्षतिपूर्ति का प्रकरण बनाया है, जबकि केवल तेल टीपा की कीमत ही वर्तमान में 2,200 रुपए है।
ग्रामीणों ने फॉरेस्ट विभाग की क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
यहां देखें वीडियो























