महासमुंद: एक गांव ऐसा जहां शाम होते ही लग रहा शराबियों का मेला…कोमाखान पुलिस थाना की दूरी महज तीन किमी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से खुलेआम बनाए जा रहे हाथ भट्‌ठी शराब

महासमुंद। महासमुंद में एक गांव ऐसा है जहां खुलेआम अवैध शराब बन रही है। जबकि यहां से पुलिस थाना की दूरी से 3 से 4 किमी की दूरी पर स्थित है। बात कर रहे हैं जिले के कोमाखान थाना अंतर्गत भटगांव जहां सुबह से शाम तक हाथ भट्‌ठी से शराब बनाई जा रही है। बिना मापदंड बनाई जा रही इस शराब को नशीली बनाने कई तरह से केमिकल डालने की बात भी सामने आ रही है।

इस गांव में तकरीबन 10 से 15 घरों में शराब बनाने की खबर है। बतादें इस गांव में शराब के साथ गांजा भी आसानी से खरीदा जा सकता है। हालांकि, यदा-कदा पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी की है, लेकिन, जिस तरह यहां शराब परोसी जा रही है, वह कभी भी लोगों के लिए जहरीली साबित हो सकता है। महासमुंद-खरियाररोड नेशनल हाइवे से लगे इस गांव में सालों से गांजा और शराब की अवैध बिक्री हो रही है।

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लॉकडाउन के बाद महुंवा शराब की डिमांड अधिक

लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने हजारों लीटर महुवा शराब के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसका प्रमुख कारण रहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार की सरकारी शराब दुकान बंद थी। इस कारण लोग अवैध शराब बिक्री के लिए तरह-तरह के कदम उठाए। साथ ही शराब प्रेमियों के लिए मजबूरी थी, जो अवैध शराब और खतरनाक बिना मापदंड वाले शराब के पीछे भागना पड़ा। आज हालत ये हो गए हैं कि महुंवा शराब की डिमांड पूरे प्रदेश में बढ़ गई है। ये भी समझ लें कि सरकारी शराब के दाम से आधे दाम पर यह शराब अब लोगों को आसानी से मिल रहा है।

अभी हाल ही में यूपी के अलीगढ़ जहरीली शराब कांड ने पूरे देश को हिला दिया था। बतादें, यहां जहरीली शराब पीने से 35 लोगों की मौत हुई थी। ऐसे शराब को नहीं रोका गया तो आने वाले समय के लिए कही पर भी खतरनाक स्थिति बन सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन को ऐसे विषयों पर गंभीरता से कार्रवाई करना चाहिए?