विभागीय जांच प्रक्रिया में अब आएगी गति, समय पर होगा प्रकरणों का निपटारा : वीडियो कान्फ्रेंसिंग से नियमित सुनवाई को छत्तीसगढ़ शासन ने दी मान्यता

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागीय जांच प्रक्रिया में वीडियो कान्फ्रेसिंग से सुनवाई को मान्यता प्रदान की गई है। इस संबंध में सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों, सीईओं जिला पंचायतों को आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के प्रभाव के कारण विभागीय जांच प्रकरणों की नियमित सुनवाई एक निश्चित समय अवधि में नहीं हो पाने से जांच प्रकरणों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। लंबित प्रकरणों की संख्या को देखते हुए राज्य शासन द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई करने की मान्यता दी गई है। शासन के इस निर्णय से विभागीय जांच प्रकरणों के त्वरित निराकरण में आसानी होगी और लंबित प्रकरणों की संख्या भी घटेगी। शासन द्वारा सभी विभागों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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कोविड प्रभावित पालकों एवं बच्चों का दूर होगा मानसिक तनाव : आश्रय देखरेख और संरक्षण हेतु बनाया गया चाइल्ड हेल्प डेस्क

महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा कोविड 19 के फलस्वरूप पालकों और अभिभावकों से वंचित होने वाले बच्चों तथा ऐसे बच्चों की देखभाल में असमर्थ पालकों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पडेस्क का संचालन किया जा रहा है। इस हेल्पडेस्क के माध्यम से कोविड प्रभावित बच्चों एवं पालकों के मानसिक तनाव सहित अन्य आशंकाओं को दूर किया जाएगा। कोरोना पीड़ित बच्चों के आश्रय, संरक्षण के संबंध में सही जानकारी एवं समुचित परामर्श लिया जा सकता है। कोविड 19 के समय में बच्चों की देखभाल और संरक्षण की ओर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होती है। कोविड की वजह से कई बच्चों ने अपने माता पिता को खोया हैं।

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कोविड संक्रमण के कारण अनेक माता-पिता बच्चों की देखभाल में असमर्थ हो सकते हैं। कोविड 19 के कारण उदभूत परिस्थिति के कारण पालको एवं बच्चों के मन में कई प्रकार की आशंकाएं एवं चिंता भी उत्पन्न हो रही है। ऐसे समय में सही सहारा एवं उचित परामर्श मिलना जरूरी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना कर टोल फ्री विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800-572-3969 प्रारम्भ की गई है। जिसमें प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा चाइल्ड लाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 पर भी संपर्क किया जा सकता हैं। व्हाट्सएप्प नंबर 9301450180 एवं ईमेल [email protected]  पर भी संदेश प्रेषित कर इन हेल्पडेस्क के माध्यम से बच्चों के आश्रय, संरक्षण के संबंध में सही जानकारी एवं समुचित परामर्श लिया जा सकता है।