बार-बार आते हैं ये चिंता, कही राहु-केतु तो नहीं कर रहा परेशान, करें ये उपाय

राहु-केतु (Rahu-Ketu) का सुनते ही मन में एक अजीब डर आ जाता है। ज्योतिष शास्त्र में पाप ग्रह के रूप में देखा जाता है। राहु की महादशा में मनुष्य को कई तरह की अड़चन झेलनी पड़ती हैं. राहु ग्रह (Rahu-Ketu) के दोषों को दूर करने जानिए उपाय...

ज्योतिष में राहु और केतु (Rahu-Ketu) को छाया ग्रह के रूप में पहचान मिली है। इंगलिश में इसे ड्रैगंस हेड बोला जाता है. भले ही इनका भौतिक अस्तित्व न हो लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसका अधिक महत्व है. राहु (Rahu-Ketu) का मुख भयंकर है और सिर पर मुकुट और गले में माला तथा शरीर पर काले रंग का वस्त्र धारण करना है. किसी भी जातक की कुंडली मे राहु–केतु (Rahu-Ketu) का बहुत प्रभाव पड़ता है.

आ रहे ऐसे  चिंताएं

किसी भी मनुष्य की कुंडली में दु:ख, भय, चिंता, पाप कर्म, आदि के लिए राहु (Rahu-Ketu) की स्थिति को देखा जाता है. राहु ग्रह (Rahu-Ketu) के दोष के चलते हमेशा मनुष्य को अनिद्रा, उदर रोग, मस्तिष्क से संबंधी रोग और मानसिक चिंताएं बनी रहती हैं. राहु के प्रभाव से लोगों को हड्डी और चर्म बीमारी आदि भी होते हैं. यह हमेशा लोगों को आलसी बना देता है. कुंडली में कालसर्पयोग बनने में इन्हीं दो छाया ग्रहों की प्रमुख भूमिका होती है. जिसके होने पर जातक को जीवन में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ता है.

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आइए जानते हैं राहु ग्रह से जुड़े दोष को दूर करने के उपाय के संबंध में ..

यदि किसी मनुष्य की कुंडली में राहु शुभ अवस्था में हो तो उसे रबड़ का कारोबार, लॉटरी, कमीशन, एजेंट, प्रचार विभाग की नौकरी, नगर पालिका, राजनीति से जुड़े कार्य करने चाहिए. राहु ग्रह के दोष के चलते हमेशा मनुष्य को अनिद्रा, उदर रोग, मस्तिष्क से संबंधी रोग और मानसिक चिंताएं बनी रहती हैं. राहु के प्रभाव से मनुष्य को हड्डी और चर्म रोग आदि भी होते हैं. यह अक्सर जातक को आलसी बना देता है. राहु के दुष्प्रभाव से बचाव के लिए सबसे प्रथम अपनी आदतों में बदलाव लाना चाहिए. जैसे उसे सभी प्रकार के नशे से दूर रहते हुए कभी भी क्रोध नहीं करना चाहिए.

राहु की कृपा पाने के लिए व्यक्ति को अभ्रक, लोहा, तिल, नीले कपड़े, ताम्रपत्र, सात तरह के धान, उड़द, गोमेद, काले पुष्प, तेल, कंबल, आदि का दान करना चाहिए. राहु से जुड़े कष्टों को दूर करने के लिए प्रयास करें कि दान किसी दिव्यांग लोगों को करें. दिव्यांग व्यक्ति को उसकी जरूरत का समान दान करने पर राहु शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं.

राहु ग्रह को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप करें –

ध्यान मंत्र

अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्.

सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्..

तंत्रोक्त मन्त्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः.

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9617341438, 7879592500,  7804033123

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