इस नगर निगम ने निकाला आदेश 2 घंटे में करो शादी, नहीं तो 50 हजार का जुर्माना

पिंपरी-चिंचवाड़। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ में बढ़ते कोविड  संक्रमण के बीच सरकार ने ‘ब्रेक द चेन’ के तहत प्रतिबंध कड़े कर दिए गए। प्रशासन ने नियमों में सख्‍ती करते हुए कहा कि विवाह समारोह को 25 लोगों की उपस्थिति में केवल 2 घंटे में पूरा करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर दूल्हा और दुल्हन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।

नगर आयुक्त राजेश पाटिल ने आदेश जारी किए हैं कि हॉल, मंगल कार्यालय द्वारा उल्लंघन के मामले में कोरोना काल समाप्त होने तक प्रतिष्ठान बंद रहेगा। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय कर्मचारियों के 15 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ शुरू रहेंगे। आवश्यक सेवाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

निजी बसों के अलावा अन्य निजी यात्री परिवहन में आपात स्थिति और आपात स्थिति के लिए बैठने की क्षमता का 50 प्रतिशत तक संचालन होता रहेगा। खड़े होकर यात्रा करना संभव नहीं है। निजी बसें एक शहर में केवल दो स्टॉप पर रुक सकती हैं। अंतर जिला यात्रियों के हाथों पर 14 दिनों के होम आइसोलेशन की मुहर लगाना अनिवार्य है।

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यात्रा की अनुमति केवल तभी होगी जब चिकित्सा आपात स्थिति

यात्रा की अनुमति केवल तभी होगी जब चिकित्सा आपात स्थिति, अंतिम संस्कार या परिवार के सदस्यों की गंभीर बीमारियां इस तरह आवश्यक कारण हों। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। आपदा प्रबंधन अधिकारियों को पिंपरी-चिंचवाड़ शहर में आने वाले यात्रियों के रॅपिड अँटिजेन टेस्ट करने के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से तकनीशियनों की नियुक्ति करनी चाहिए। लागत संबंधित प्रतिष्ठान, यात्री द्वारा वहन की जानी चाहिए। सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पहचान पत्र होने पर ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं।

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आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सभी चिकित्सा सेवा प्रदाताओं, उपचार की आवश्यकता वाले व्यक्तियों और उनके सहायकों को टिकट, पास जारी किए जाएं। रेल प्रशासन को पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम क्षेत्र में ट्रेन और बस से जाने वाले यात्रियों के बारे में समय-समय पर आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित करना चाहिए। यात्रियों की थर्मल गन से स्टेशन पर जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा 14 दिन आइसोलेशन की मुहर लगवाना अनिवार्य रहेगा। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर रोगी को कोरोना केयर सेंटर या अस्पताल में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।