सामाजिक संगठनों, और युवाओं की मदद से रैपिड हेल्प डेस्क तैयार करे जो जरूरतमन्द लोगो को अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओ की सहायता दिलाये

अकलतरा। शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों को जमीनी स्तर पर सामने आकर प्रदेशवासियों की हौसला बढ़ाने आगे आना चाहिए, दवा से लेकर हवा (ऑक्सीजन) वेंटिलेटर की उपलब्धता पर जानकारी देना चाहिए, लोगो को पैनिक होने से बचाना होगा, लोगो के मन मे डर पनप रहा है जो कोरोना से ज्यादा खतरनाक है, वर्तमान परिस्थिति में बिना कोई आरोप प्रत्यारोप के सिर्फ मानव जीवन को बचाने के लिए कार्य करना होगा, हर जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों की मॉनिटरिंग जमीनी स्तर पर होना आवश्यक है अगर जरूरत पड़े तो सामाजिक संगठनों, और युवाओं की मदद से रैपिड हेल्प डेस्क तैयार करे जो जरूरतमन्द लोगो को सहायता पहुँचाये,

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ग्रामीण अंचल के लोग अधूरी जानकारी और परिवारो में असक्षम लोगो के वजह से अस्पताल देरी से पहुंच रहे है जिससे मृत्यु का आंकड़ा बढ़ रहा है, लोगो को डिप्रेशन से बचाने के लिए मोहल्लों वार्डो में स्थानीय संगठनों और युवाओं की मदद से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगो मे जागरूकता फैलानी चाहिए और उनका हौसला बढ़ाना चाहिए, लोगो के पॉजिटिव आने के बाद पड़ोसियों का व्यवहार भी बहुत घातक या हौसला बढ़ाने वाला हो सकता है कई जगहों पर देखा गया है कि किसी अड़ोसी पड़ोसी के पॉजिटिव आने के बाद कुछ लोग कुछ ज्यादा ही गलत तरीके से दूरी बना लेते है जिससे पीड़ित व्यक्तियों के मानसिकता पर गलत प्रभाव पड़ता है,

यदि लोग पॉजिटिव आ रहे तो कम से नियमो का पालन करते हुए  उनका हौसला अवश्य बढ़ाना चाहिए जो पीड़ित व्यक्ति को आक्सीजन से भी ज्यादा राहत दे सकता, उनको कोरोना से जंग जितने वालो के बारे में बताए कि कौन कौन कोरोना से जंग जीत कर स्वस्थ हो गए। वर्तमान परिस्थिति केंद्र या राज्य सरकार को दोषी ठहराने का नही है अभी वक्त है सिर्फ मानवता के साथ मानव जीवन के रक्षा करने का, इस बार का वायरस पहले से अधिक घातक है, जो सिर्फ सावधानी और जागरूकता से हार सकता है, हमारे देश की बड़ी आबादी इसकी चपेट में है कोई भी राज्य इसकी चपेट से बाहर नही है, इसलिए हम सबको मिलकर इस महामारी से लड़ना होगा और सबको आगे आकर सहयोग करना होगा,

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शासन प्रशासन, मेडिकल स्टाफ दिन रात  मेहनत कर रहे है उनकी सहायता और हौसला बढ़ाते रहना होगा, आर्थिक रूप से मजबूत लोग या छोटे बड़े सामाजिक संगठनों के सहयोग से जांच केंद्रों और वैक्सिनेशन सेंटर में सुविधाओं में वृद्धि करने की आवश्यकता है, दिन ब दिन बढ़ती पीड़ितों की संख्या ना सिर्फ शासन प्रशासन के लिए चिंताजनक है बल्कि हर जिम्मेदार नागरिकों के लिए चिंताजनक है इसीलिए सभी आगे आये जैसा बन रहा है सहयोग की भावना मन मे बनी रही, आज कल लोग सोशल मीडिया की नकारात्मक खबरे देख कर ही घबरा रहे है इसलिए सोशल मीडिया में सकारात्मक खबरों को ज्यादा प्रचारित करे, ताकि लोगो के मन मे सकारत्मक ऊर्जा का प्रवाह हो।