जनता और पुलिस ग्रुप के सदस्यों के माध्यम से शासन की पुनर्वास योजना के तहत लाभान्वित हुए दो मासूम

महासमुंद। विगत दिनों एक खबर सोशल मीडिया के माध्यम से जनता और पुलिस ग्रुप तक पहुँची। जिसमे दो बच्चे को अपने दादाजी के साथ स्थानीय हनुमान मंदिर के सामने आते-जाते लोगो से पैसे मांगते देखे जाने एवं लोगो से उनकी मदद हेतु अपील की गई थी। जिससे जनता पुलिस वॉटसअप ग्रुप के माध्यम से उक्त दोनो बच्चों के संबंध में जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस विभाग के प्रकाश ठाकुर, अनिल यादव के द्वारा उक्त स्थान पर पहुँचकर बच्चों के संबंध में उनके दादाजी से सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त किया गया था। बच्चों के दादाजी ने बताया कि इनके माता पिता का देहांत हो गया है तथा हाल ही में इनकी दादी भी गुजर चुकी है। मेरी नातिन उम्र लगभग 9 और नाती लड़का उम्र करीबन 06 साल का मेरे साथ ही रह रहे है।

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मेरी माली हालत और शारीरिक क्षमता इतनी नही है कि इन दोनों का पालन पोषण कर सकू। उसके उपरांत जवान प्रकाश ठाकुर व अनिल यादव ने उक्त वृद्ध जन को शासन की बच्चो के पुनर्वास योजना के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।वॉट्सएप्प ग्रुप जनता और पुलिस के सदस्य नरेंद्र राउत जी बाल सरक्षण अधिकारी द्वारा जैसे ही सन्देश को पढा गया उन्होंने महासमुन्द स्थित चाइल्ड लाइन की टीम को मौके पर हनुमान मंदिर के सामने त्वरित भेजकर अग्रिम कार्यवाही कराई गई। चाइल्ड लाइन टीम के द्वारा उक्त बच्चो के वैध संरक्षक से सहमति उपरांत कोविड टेस्ट कर सम्पूर्ण दस्तावेज तैयार कर बाल कल्याण समिति महासमुन्द में प्रस्तुत किया गया। जहाँ से उक्त बच्चो को पुनर्वास हेतु माना रायपुर स्थित चाइल्ड होम में पहुंचाया गया।

पुलिस विभाग के कर्मचारी प्रकाश सिंह ठाकुर व अनिल यादव के द्वारा अपने संवेदनशीलता का परिचय व अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पुनः एक बार बे सहारा बच्चों की मदद व उनके सार्थक पुनर्वास हेतु नरेंद्र राउत बाल संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई महासमुन्द, चाइल्ड लाइन व बाल कल्याण समिति के माननीय अध्यक्ष / सदस्यों के बीच सेतु का कार्य करते हुए सभी के एकजुट प्रयास से दोनों बच्चो (भाई बहन) के उज्वल भविष्य के लिए बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार पुनर्वास हेतु बाल गृह माना रायपुर में रखा गया।