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अनुठी पहल, प्रकृति बचाने पहाड़ में ग्रामीणों ने बिछाई मिट्‌टी की चटाई, देखें वीडियो

हजार से अधिक ग्रामीणों ने मिलकर पहाड़ी पर बिछाई चटाई। तापमान कम करने एवम हरियर कसेकेरा बनाने लोगों ने लिया संकल्प ।

महासमुंद। विकास खण्ड बागबाहरा के कसेकेरा रुपई पहाड़ी पर पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक डॉ विजय शर्मा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण एवं धरती के तापमान को 1℃ कम करने के लिए नवाचारी कार्यक्रम पहाड़ी में चटाई बिछाई कार्यक्रम में ग्रामवासी बढ़ चढ़ कर इसे उत्सव का स्वरूप देकर  ऐतिहासिक बनाया।

डॉ शर्मा ने बताया कि पहाड़ी के वजह से अन्य जगह की अपेक्षा ग्राम का तापमान 1℃ अधिक होता है, इसे कम करने वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए  पहाड़ी चट्टानों पर चटाई विधि से घास उगाने व पहाड़ी में हरियाली लाने का संकल्प लिया। शुरुवात में तो लोगों ने हल्के में लिया किंतु जब उन्हें इस तकनीक व योजना की जानकारी दी गई तो सामूहिक प्रयास से हरियाली लाने और रुपई माता का सिंगार करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस कार्य के लिए 60 टन कछारी मिट्टी श्रीराम इंफ्राटेक कुरूद बागबाहरा कन्ट्रक्सन से एवं 500 नग पुराने फ़टे बारदाना सोसाइटी कसेकेरा से सहयोग में प्राप्त किया गया इस कार्य को सम्पन्न करने हजार से अधिक ग्रामीणों ने अपने अपने घर से पुराने बारदाने एवं अपने खलिहान से मिट्टी ला कर रुपई पहाड़ी पर चटाई बिछाई।

*हरियाली लाने चरण बद्ध तरीक़े से किया जाएगा काम*

प्रथम चरण में प्रति व्यक्ति एक चटाई का नारा दिया गया जिसमें चटटान पर बारदाना बिछा कर मिट्टी पानी डाला जाएगा। बारदानाचटाई में बरसात में घास उगेगी,उसकी रेशेदार जड़े खुरदुरी चट्टान से चिपक कर मृदा तैयार करते हुए मृदा संरक्षण करेगी।जिससे मिट्टी की परतें चादर के रूप में जो माता का लुगरा का प्रतीक तुल्य होगा।

दूसरे चरण में मन की चटाई अर्पित करना है, स्वम की इच्छा से जब समय मिले एक चटाई बिछा कर निरन्तरता बनाए रखना है।

तीसरे चरण में जैव विविधता के संरक्षण के लिए दुर्लभ पौधों का संरक्षण, फलदार पौधों का रोपण,पहाड़ी के जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए किया जाएगा।

*कार्यक्रम के लाभ*

1 लोगों को  पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी।

2 ग्रीष्म काल मे 1 ℃ तापमान कम करने में सफल होंगे।

3  पशुओं के लिए चारा उपलब्ध होगा।

4  ग्रामीणों को शुद्ध आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

5 जल संरक्षण के लिए एक कदम होगा।

6 वन्य प्राणियों के लिए भोजन , संरक्षण व लोगो का प्रकृति के साथ अन्तर्सम्बन्ध स्थापित करने में सफल होंगे।

7 आपसी भाईचारा, आदर्श नागरिक  बनने में सहायक होगा।

8 प्राचीन ग्राम ऐतिहासिक शिवलिंग, पर्यटन कॉरिडोर  के रूप में विकसित होगा।

*स्वर्गीय आत्मा को कार्यक्रम में चटाई बिछा कर श्रद्धांजलि अर्पित*

गांव के वरिष्ठ नागरिक स्व शोभा राम साहू जी के तीज नहावन कार्यक्रम में ने निर्णय लिया कि स्वर्गीय आत्मा के लिए एक एक चटाई अर्पित कर श्रद्धाजली अर्पित किया।

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कसेकेरा

*कार्यक्रम की सफलता के लिए डी एफ ओ पंकज राजपूत ने मोबाइल से दी शुभकामनाऐं*

पर्यावरण प्रेमी डॉ विश्वनाथ पाणिग्राही ने कहा यह पर्यावरण संरक्षण के लिए डॉ विजय शर्मा का  एक नवाचारी कार्यक्रम है जो  सफलता के सोपान तय कर कसेकेरा के नाम से यह रिकार्ड दर्ज होगा।  बंजर वीरान पहाड़ी में  पत्थर एवम चट्टानों के बीच हरियाली विकसित करने का यह प्रेरणास्पद कार्यक्रम है।

कार्यक्रम को सफल बनाने जुटे ग्रामीण

सरपंच श्रीमती ईश्वरी डिगेश्वर दीवान, ग्राम पंचायत पंचगण, शाला समिति के सदस्य,महिला समिति,युवा, विद्यार्थी,  वन विभाग के रेंजर विकास चन्द्राकर व उनकी टीम, कोआपरेटिव बैक के व्यवस्थापक हलधर यादव परिवार सहित, मनोज तिवारी, श्रीराम इंफ्राटेक, इंटेक, ग्रीन केयर सोसाइटी इंडिया के सदस्य  अध्यक्ष  डॉ विश्वनाथ पाणिग्राही के साथ सक्रिय रहे , प्राचार्य पवन चक्रधारी, जितेंद्र साहू, आचार्य रूपेंद्र साहू व सरस्वती शिशुमन्दिर आचार्यगण, राहुल ध्रुव, मनीष अवसरिया, संकुल केंद्र के शिक्षक गण, पवनपुरुषोत्तम कुंजाम श्रीमती अनुसुइया साहू, सुरुज बघेल, सुनीता साहू, पदमनी यादव बल्ला, सन्तोष यादव,  गोबिंद धुपसिह, बालेश्वर, बंशी आदि का विशेष योगदान रहा।

यहां देखें वीडियो

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