विश्वविद्यालय-महाविद्यालय एक अच्छा प्लेटफार्म, जिसके माध्यम से कोरोना के प्रति लाई जा सकती है जागरूकता: सुश्री उइके

रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिन्दवाड़ा द्वारा कोरोना महामारी से बचाव में टीकाकरण की विशिष्ट महत्ता’’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में शामिल हुई। राज्यपाल ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय-महाविद्यालय एक अच्छा प्लेटफार्म है, जिसके माध्यम से लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता लाई जा सकती है। हमारे पास एन.सी.सी. कैडट्स और एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों का बड़ा नेटवर्क है उनका हमें उपयोग करना चाहिए। वे सावधानीपूर्वक टीकाकरण के प्रति गांवों में फैली भ्रांतियों को दूर करें। यह देखें कि गरीबों को राशन उपलब्ध हो जाए। लोगों को चिकित्सा की सुविधाएं दिलाने में सहयोग करें।

राज्यपाल ने कहा कि इस कोरोना के कारण लोगों में एक भय व्याप्त हो गया है, इस भय को निकालना भी आवश्यक है, इसके लिए सयंम बनाए रखें। हमारे भारत वर्ष में करीब 3 करोड़ छात्र-छात्राओं की संख्या है। यदि उन सभी छात्र-छात्राओं के मोबाइल में मैसेज के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ वर्चुअल मीटिंग का आयोजन करें उससे जो संदेश प्राप्त हो उन्हें आम लोगों को बताएं। लोगों को यह बताएं कि चिकित्सकों के दिशा-निर्देशों का किस प्रकार पालन करना है, मामूली लक्षण दिखने पर परीक्षण कराएं और जब तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती है तब तक किस प्रकार सावधानी बरतें और दवाई लें।

राज्यपाल ने कोरोना के तीसरे लहर के प्रति आगाह करते हुए बताया कि कोरोना के तीसरे लहर में बच्चों को प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है। अतः सावधानी बरतें और कोरोना से बचने के सभी नियमों का पालन करें। इस समय हमें अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। हमारे घर में पाए जाने वाले काली मिर्च, सोंठ, हल्दी, अदरख इत्यादि का उपयोग करें। निश्चित ही हम एकजुटता और जागरूकता से इस बीमारी से मुक्ति पा लेंगे।  इस अवसर पर छिंवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलपति एम.के. श्रीवास्तव, छिंदवाड़ा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अमिताभ पाण्डे एवं प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।