अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच रविवार को यहां होने वाले विश्वकप फाइनल में एक तरफ जहां लियोनेल मेस्सी होंगे वहीं दूसरी तरफ उन्हें टक्कर देने के लिए काइलियन एमबापे होंगे।

लियोनेल मेस्सी: पैंतीस वर्षीय मेस्सी अर्जेंटीना की टीम के दिल और आत्मा दोनों हैं। वह टूर्नामेंट में अब तक पांच गोल कर चुके हैं और इस मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। जब भी गोल करने का मौका हो तब मेस्सी की फुर्ती देखने लायक होती है। विश्व कप का खिताब उन्हें डियागो माराडोना के समान ‘आइकन’ का दर्जा दिला देगा

जुलियन एल्वारेज : एल्वारेज ने टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और उन्होंने अब तक चार गोल दागे हैं। मैनचेस्टर सिटी की तरफ से खेलने वाले इस 22 वर्षीय खिलाड़ी का तेज दौड़ लगाने में कोई सानी नहीं है। उन्होंने क्रोएशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में टीम की 3-0 से जीत में मेस्सी के साथ शानदार जोड़ी बनाई थी

एमिलियानो मार्टिनेज : अर्जेंटीना का यह गोलकीपर छह फुट चार इंच लंबा है। यदि फाइनल मैच पेनल्टी शूटआउट तक खिंचता है तो फिर मार्टिनेज की भूमिका अहम होगी। उन्होंने नीदरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल और पिछले साल कोपा अमेरिका के सेमीफाइनल में पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी

नहुएल मोलिना: मोलिना ऊर्जावान फुल बैक है और उनमें मजबूत डिफेंडर होने के सभी लक्षण मौजूद है। एटलेटिको मैड्रिड के 24 वर्षीय खिलाड़ी मोलिना को अपने आक्रामक रवैये के लिए भी जाना जाता है।

एंजो फर्नांडीज : फर्नांडीज ने टूर्नामेंट की शुरुआत स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में की थी लेकिन अर्जेंटीना के मैक्सिको पर जीत में गोल करने के बाद वह टीम के मुख्य खिलाड़ी बन गए। वह अर्जेंटीना की मध्य पंक्ति के प्रमुख खिलाड़ी हैं।

काइलियन एमबापे : अर्जेंटीना के लिए एमबापे सबसे बड़े खतरनाक खिलाड़ी हैं जो अपनी तेजी और गोल करने में महारत के लिए जाने जाते हैं। पेरिस सेंट जर्मेन की तरफ से खेलने वाला यह 23 वर्षीय स्ट्राइकर विश्व कप में अभी तक मेस्सी के समान पांच गोल दाग चुका है। अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करने पर वह महानतम खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।

एंटोनियो ग्रीजमैन : इकतीस वर्षीय ग्रीजमैन इस विश्वकप में फ्रांस के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुए हैं। एटलेटिको मैड्रिड के इस स्ट्राइकर ने अपने कौशल में रक्षात्मक गुण भी जोड़े हैं। फाइनल में मेस्सी के साथ उनका मुकाबला देखने लायक होगा।

ह्यूगो लोरिस : टोटेनहैम की तरफ से खेलने वाले 35 वर्षीय ह्यूगो लोरिस पहले ऐसे कप्तान बनने की राह पर हैं जिन्होंने दो विश्वकप जीते। वह मितभाषी हैं लेकिन अपने काम को अच्छी तरह से अंजाम देते हैं। फ्रांस की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम पर है

राफेल वरान : फ्रांस की रक्षापंक्ति की मजबूत कड़ी हैं 29 वर्षीय राफेल वरान। वह अपने करियर में चोटों से जूझते रहे हैं लेकिन अब अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं। रियाल मैड्रिड को चार बार चैंपियंस लीग का खिताब दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही है।