आचार्य चाणक्य के अनुसार, कुछ ऐसी वस्तुएं होती हैं,

जिनको गंदगी में पड़े होने के बावजूद भी उठा लेना चाहिए,

क्योंकि इनका मूल्य कभी कम नहीं होता है.

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार, गंदगी में पड़ी कोई कीमती चीज दिख जाए तो उसे उठा लेना चाहिए

जैसे कि गंदगी में सोना या हीरा पड़ा हो तो उसे उठा लेना चाहिए

क्‍योंकि ये चीजें किसी भी अवस्था में रखी या पड़ी हों

इनका मूल्य कभी कम नहीं होता है.

चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में कहा है कि दृष्ट इंसान से हमेशा बचकर रहना चाहिए

जीवन में अगर दुष्‍ट व्‍यक्ति और सांप में से किसी एक को चुनने को मिलें तो सांप को चुनें

सांप खतरे में जानकर ही नुकसान पहुंचाता है

लेकिन दुष्‍ट व्‍यक्ति अपने स्‍वभाव के कारण हमेशा आपको कष्ट पहुंचाने के बारे में सोचता रहता है.

चाणक्‍य नीति के अनुसार, किसी दुष्‍ट परिवार में भी गुणी कन्‍या हो तो उसे घर की बहू बनाने में संकोच नहीं करना चाहिए

क्योंकि गुणी कन्‍या अपने संस्‍कार-व्‍यवहार से घर को स्‍वर्ग बना देती हैं.

चाणक्‍य ने अपनी नीति में कहा है

कि हमेशा लोगों में बुराई नहीं देखनी चाहिए

जो इंसान बुराई में अच्‍छाई देखता है

वह इंसान जीवन में बुलंदियों पर पहुंच जाता है

ऐसे में जरूरी है

लोगों की अच्‍छाइयों को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करनी चाहिए

आचार्य चाणक्य भारत के महान विद्वान, अर्थशास्‍त्री, कूटनीतिज्ञ और मार्गदर्शक रहे हैं.

उन्होंने मानव जीवन को लेकर कई सारी बातें अपने नीति शास्त्र में कही हैं.

आचार्य चाणक्य की बातें वर्तमान समय में भी उतनी ही कारगर हैं,

जितने पुराने समय में थीं. जिन लोगों ने भी उनकी बातों का अनुसरण किया है,