भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मैच 18 जनवरी को खेल गया था

इस मैच के दौरान भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लाथम के खिलाफ जानबूझकर हिट-विकेट की अपील की थी.

इस हरकत के लिए ईशान किशन (Ishan Kishan) पर बड़ा एक्शन लिए जाने की खबरें सामने आ रही थी

नियमों के मुताबिक उनके ऊपर 12 मैचों का बैन भी लग सकता था, लेकिन वह इस विवाद से बचते नजर आ रहे हैं.

स्टफ डॉट को डॉट एनजेड की एक रिपोर्ट में सोमवार को कहा गया कि आईसीसी की आचार संहिता के तहत

ईशान पर अनुचित लाभ प्राप्त करने के प्रयास के स्तर 3 के मामले में आरोप लगाया जा सकता था,

जिसके कारण चार से 12 वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का निलंबन होता है. लेकिन,

आईसीसी के मैच रैफरी जवागत श्रीनाथ ने ईशान को सिर्फ चेतावनी देते हुए छोड़ दिया.

यह मामला 16वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई जब मैच की अपनी पहली गेंद खेल रहे लाथम अपनी क्रीज में अंदर थे और चाइनामैन कुलदीप यादव ने चकमा दिया

ईशान अचानक अपील में चले गए और कप्तान रोहित शर्मा ने उसी में शामिल हो गए.

स्क्वायर सेग अंपायर ने तुरंत फैसला तीसरे अंपायर को भेजा,

मुख्य रूप से यह स्पष्ट नहीं था कि वास्तव में क्या हुआ था.

ईशान और भारतीय टीम ने लाथम के आउट होने की अपील की, यह दर्शाता है कि बल्लेबाज ने उनके स्टंप्स को जानकर गिराया था.

लेकिन टीवी अंपायर द्वारा चेक किए गए रिप्ले में दिखाया गया कि लाथम द्वारा गेंद को हिट करने के काफी देर बाद किशन ने जानबूझकर अपने दस्ताने से बेल को गिराया

जिसके बाद वह नॉट आउट करार दिए गए थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईशान से मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने मैच के बाद की घटना के बारे में बात की

जिसमें भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ शामिल रहे. श्रीनाथ ने स्टैंड-इन ब्लैक कैप्स के मुख्य कोच ल्यूक रोंची और टीम प्रबंधन से भी बात की

मेहमान टीम इस मामले को आगे नहीं बढ़ाने से खुश है.

दोनों टीमों के बीच सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी थी