टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर ऋषप पंत की सड़क हादसे में घायल होने के बाद मुंबई में लिगामेंट इंजरी के लिए सर्जरी हो चुकी है और एक्सपर्ट्स के मुताबिक

सर्जरी के बाद उन्हें मैदान पर वापसी करने में 6 महीने से अधिक का वक्त लग सकता है

यानी पंत आईपीएल 2023 में शायद ही खेलते नजर आएं. अब सवाल ये है कि अगर पंत आईपीएल नहीं खेले तो क्या उन्हें 16 करोड़ रुपये मिलेंगे

जिस कीमत में दिल्ली कैपिटल्स ने इस खिलाड़ी को आईपीएल 2023 के लिए रीटेन किया है

तो इसका जवाब है हां. लेकिन यह पैसा फ्रेंचाइजी नहीं, बल्कि बीसीसीआई देगी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इस मुश्किल घड़ी में ऋषभ पंत के साथ खड़ा है. ना सिर्फ उनके इलाज का सारा खर्चा बीसीसीआई उठा रही है

बल्कि उनके कमर्शियल हितों का भी ध्यान रखने का फैसला लिया है

इस साल आईपीएल में पंत के न खेलने के बावजूद बीसीसीआई दिल्ली कैपिटल्स से उनकी 16 करोड़ की आईपीएल सैलरी का पूरा भुगतान करेगा

इतना ही नहीं, बोर्ड उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत मिलने वाली एनुअल रीटेनरशिप फीस के 5 करोड़ रुपये का भी एकमुश्त भुगतान करेगी

क्योंकि पंत अगले 6 महीने तक क्रिकेट से दूर ही रहेंगे.

अब ये सवाल सबके मन में है कि अगर पंत को दिल्ली कैपिटल्स ने 16 करोड़ रुपये में खरीदा था और आईपीएल 2023 के लिए रीटेन किया है

तो फिर पंत की आईपीएल सैलरी का पैसा बीसीसीआई क्यों देगी. तो इसकी वजह एक नियम है. दरअसल,

सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों का बीमा होता है. बीसीसीआई के नियमों के अनुसार

चोट के कारण आईपीएल से बाहर होने की स्थिति में इन खिलाड़ियों को बोर्ड द्वारा पूरा भुगतान किया जाता है

संबंधित फ्रेंचाइजी नहीं, बल्कि बीमा कंपनी सैलरी पेमेंट करती है.

ऋषभ पंत को बीसीसीआई ने 2021-22 सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट के ग्रेड-ए में रखा है.

इसमें शामिल खिलाड़ियों को एनुअल रीटेनरशिप फीस के तौर पर 5 करोड़ रुपये मिलते हैं

पंत लंबे वक्त तक क्रिकेट से दूर रहेंगे. ऐसे में बीसीसीआई ने उन्हें एकमुश्त यह राशि देने का फैसला लिया है

दीपक चाहर को भी आईपीएल 2022 से ठीक पहले चोट लग गई थी. उन्हें चेन्नई सुपरकिंग्स ने 14 करोड़ में खरीदा था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई के नियम के मुताबिक उन्हें पूरा पैसा मिला था.

ऋषभ का ऑपरेशन मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने किया था

उनके घुटने की सर्जरी जटिल थी. क्योंकि इसमें एसीएल और एमसीएल दोनों लिगामेंट की सर्जरी शामिल थीं