प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सरकारी विभागों और संगठनों में नए भर्ती किए गए कैंडिडेट्स के साथ बातचीत की

और उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली. आज भी करीब 71000 लोगों को अपॉइंट्मेटं लेटर दिए गए हैं.

पीएनबी में नौकरी पाने वाली पश्चिम बंगाल की सुप्रभा बिस्वास ने कहा कि वह अपने परिवार को वित्तीय सहायता देने में सक्षम हैं

क्योंकि उनके पिता एक मजदूर हैं और उनकी मां एक हाउसवाइफ हैं.

प्रधानमंत्री ने डिजिटल लेनदेन को लेकर लोगों में उत्साह के बारे में पूछा. "डिजिटल लेनदेन को लेकर आपके पास क्या अनुभव है?

क्या लोग डिजिटल लेनदेन को लेकर उत्साहित हैं?" सुप्रभा ने जवाब दिया, "हम लोगों से एक बैंकिंग ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं

जिसके माध्यम से वे ऑनलाइन लेनदेन कर सकते हैं और हर काम के लिए बैंक आने की जरूरत नहीं है."

जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एक अन्य कैंडिडेट फैजल शौकत शाह ने कहा कि उन्हें एनआईटी श्रीनगर में नौकरी मिली थी.

फैजल ने कहा, "मुझे एनआईटी श्रीनगर में भर्ती किया गया है. मुझे खुशी है कि मुझे पिछले रोजगार मेले में मेरा नियुक्ति पत्र मिला और आज मैं आपसे बातचीत कर रहा हूं."

एक और रिक्रूट ने कहा कि, "वे भी सेटल होना चाहते हैं. उम्मीद है, वे भी मेरी सफलता से प्रेरित होंगे और देश की प्रगति में योगदान देंगे.

मेरे दोस्त भी मेरी तरह सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रेरित हुए हैं."

उम्मीद है कि रोजगार मेला आगे रोजगार सृजन के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा

युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा.

प्रधानमंत्री ने 10 लाख लोगों की भर्ती के लिए "रोजगार मेला" शुरू किया था

बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष की लगातार आलोचना के बीच पिछले आठ साल में रोजगार क्रिएट करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों को बताया था.

पहली फेज में अलग अलग सरकारी नौकरियों के लिए 75,000 से ज्यादा लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने रिकॉर्ड मुद्रास्फीति

बेरोजगारी से प्रभावित कई देशों के साथ दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया