जब हम मौत के समीप होते हैं तो आदमी के शरीर के साथ क्या होता है?

मरने की प्रक्रिया आमतौर पर दिल की धड़कन बंद होने से लगभग दो सप्ताह पहले प्रारंभ हो जाती है.

इस दौरान लोगों की सेहत कमजोर होने लगती है.

चलने और सोने में भी परेशानी होने लगती है

जीवन के अंतिम दिनों में उनकी गोलियां खाने, भोजन करने या कुछ पीने की क्षमता भी खत्म हो जाती है.”

कुछ लोग वास्तव में मरने से पहले लगभग एक-दो सप्ताह तक मृत्यु की कगार पर रह सकते हैं

इस दौरान उनके परिवार वालों को काफी कष्ट भी हो सकता है.

मृत्यु के समय मस्तिष्क से काफी सारे केमिकल निकलते हैं

जैसे-जैसे लोग मृत्यु के करीब आते हैं, शरीर के स्ट्रेस केमिकल्स में वृद्धि होती है.

सामान्य तौर पर ऐसा लगता है कि मरने की प्रक्रिया के दौरान लोगों का दर्द कम हो जाता है

मनुष्य की मौत अलग-अलग तरीके से होती है इसलिए अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि शांतिपूर्ण तरीके से किसकी मृत्यु होगी

लिवरपूल यूनिवर्सिटी में मानद रिसर्च फेलो सीमस कोयल ने द कन्वर्सेशन के लिए लिखे आर्टिकल में मरने की प्रक्रिया के बारे में बात की