टीम इंडिया के एक खिलाड़ी के लिए कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ दुश्मन बन गए हैं

भारतीय टीम मैनेजमेंट ने इस खिलाड़ी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना है

भारतीय टेस्ट टीम से इस खिलाड़ी को ऐसे बाहर किया गया है

जैसे कोई दूध में से मक्खी को निकाल बाहर करता है

एक झटके में इस खिलाड़ी का टेस्ट करियर लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है

इस क्रिकेटर को टीम इंडिया की दीवार माना जाता था

लेकिन कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा ने एक झटके में उसका टेस्ट करियर लगभग खत्म कर दिया है

बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज 9 फरवरी से शुरू हो रही है.

इस बड़ी टेस्ट सीरीज में एक खिलाड़ी को बुरी तरह नजरअंदाज करते हुए सेलेक्टर्स ने भाव तक नहीं दिया है

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय बल्लेबाज हनुमा विहारी को टीम इंडिया में मौका नहीं दिया गया है.

हनुमा विहारी कभी ओपनर बनकर

तो कभी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज बनकर टीम इंडिया को फंसे हुए टेस्ट मैच में मुश्किल से बाहर निकालते थे

मुश्किल घड़ी में हनुमा विहारी ने टीम इंडिया के लिए ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी की है.

जब राहुल द्रविड़ ने बतौर हेड कोच टीम इंडिया की कमान संभाली तो उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए

भारतीय टेस्ट टीम में विस्फोटक बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को नंबर 6 की बल्लेबाजी पोजीशन पर फिट कर दिया

हनुमा विहारी का टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन से पत्ता काट दिया

श्रेयस अय्यर को भारतीय टेस्ट टीम में नंबर 6 बल्लेबाजी पोजीशन पर लगातार मौके मिलने शुरू हो गए

उन्होंने मौके को लपकते हुए रनों की बरसात शुरू कर दी

इसी के साथ ही भारतीय टेस्ट टीम में नंबर 6 बल्लेबाजी पोजीशन पर श्रेयस अय्यर की जगह परमानेंट हो गई

अब हनुमा विहारी का टेस्ट करियर खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है

29 साल के हनुमा विहारी ने 16 टेस्ट मैचों में 33.56 की औसत से 839 रन बनाए हैं

हनुमा विहारी ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में एक शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं

टेस्ट क्रिकेट में हनुमा विहारी ने पांच विकेट भी झटके हैं

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2020-21 में खेली गई टेस्ट सीरीज में हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट

में 161 गेंदो में नाबाद 23 रनों की पारी खेलकर मुकाबला ड्रॉ कराया था

हनुमा विहारी ने तब एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने पेन किलर इंजेक्शन लेने के बाद पैर में पट्टी बांधकर देश के लिए बल्लेबाजी जारी रखी

मैंने सोच लिया था कि मुझे हर हाल में करीब तीन घंटे बल्लेबाजी करनी है

इस सिडनी टेस्ट के ड्रॉ होते ही भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में लगातार दूसरी बार टेस्ट सीरीज जीतने का दरवाजा खुल गया था